सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने गांव गंगाना में घरेलू कलह के चलते पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पत्नी की हत्या करने के बाद दोषी खुद पुलिस चौकी में जाकर घटना की जानकारी दी थी।
झज्जर जिले के गांव मांडौठी निवासी मुकेश रानी ने 29 फरवरी, 2020 को बरोदा थाना पुलिस को बताया था कि उनकी बड़ी बेटी हंसा की शादी 13 साल पहले गांव गंगाना निवासी संदीप के साथ हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं। संदीप और हंसा में छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर कहासुनी होती रहती थी। धीरे-धीरे यह कलह बढ़ती गई। घटना के दिन दोनों घर पर अकेले थे। बच्चे बाहर गए हुए थे। इसी दौरान दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। संदीप ने आवेश में आकर घर में रखे धारदार हथियार (दाव) से हंसा के गले को काट दिया था। हंसा की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना को अंजाम देकर संदीप सीधा बरोदा थाना की बुटाना पुलिस चौकी पहुंचा था और पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद तत्कालीन बुटाना चौकी प्रभारी संजय ने बरोदा थाना प्रभारी राजेश कुमार को अवगत कराया था। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। आरोपी संदीप ने खुद अपने घर का ताला खोला था। अंदर हंसा का शव पड़ा था। उसकी गर्दन व धड़ अलग-अलग पड़े थे। संदीप की सास मुकेश ने दामाद के साथ ही ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ हत्या व षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में अन्य की भूमिका नहीं मिली थी। पुलिस ने संदीप को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त दाव बरामद कर लिया था। घटना के समय संदीप व हंसा की बड़ी बेटी रितु (10) चौथी कक्षा व बेटा रोहित (8) दूसरी कक्षा में पढ़ता था।
मामले की सुनवाई के बाद अब एएसजे डॉ. जसबीर सिंह ने संदीप को दोषी करार देते हए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।