सोनीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद और 1.15 लाख रुपये जुर्माना भी सजा सुनाई है।
बिहार के जिला मधेपुरा के गांव इसराना कलां निवासी पिंटू मेहता ने 10 मार्च, 2019 को मुरथल थाना पुलिस को बताया था कि उनके गांव ही कमल मेहता (52) गांव भिगान निवासी उज्ज्वल के खेत में बने कमरे में रहता था। उनके साथ वह तथा अन्य भी रहते थे।
पिंटू ने बताया था कि वह, कमल मेहता, धीरेंद्र, मनोज व अखिलेश मजदूरी करते हैं। दोपहर को कमल मेहता अपने साथियों को खाना खाने की बात कह कर खेत में बने कमरे में गए थे। जब वह नहीं लौटे तो वह कमरे में उन्हें देखने के लिए गए।
उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति कस्सी से कमल पर वार कर रहा था। इसमें कमल की मौत हो गई थी। वह बाद में कमल के तीन हजार रुपये और पिंटू का मोबाइल लूटकर भाग गया था।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए घटना के एक दिन बाद पुलिस ने पंजाब के जिला तरनतारन के गोबिंद बाला स्थित बहल दाई वाला मोहल्ला के देविंद्र उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया था।
उसने पुलिस को बताया था कि वह कमरे में चोरी करने गया था। इसी दौरान कमल वहां पहुंच गया। वह उससे नकदी छीनने लगा तो उसने विरोध किया। इस पर उसने कमल की कस्सी से हत्या कर दी थी।
मामले में सुनवाई के बाद सेशन जज वाणी गोपाल शर्मा ने आरोपी देविंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने बुधवार को दोषी को उम्रकैद और 1.15 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे 23 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।