खरखौदा। थाना कलां मार्ग स्थित भारद्वाज नर्सिंग होम पर पीसी पीएनडीटी व नगर पालिका की टीम ने छापा डाला। इस दौरान टीम को मौके पर चिकित्सक तो नहीं मिली, लेकिन उसमें एक महिला की डिलिवरी हुई मिली।
जिस चिकित्सक की ओर से नर्सिंग होम को पहले संचालित किया जा रहा है, उसका लाइसेंस रद्द किया जा चुका है और वह नियम अनुसार अस्पताल को संचालित नहीं कर सकती है। जिस पर टीम ने महिला को अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भेजा और रिकार्ड को खंगालने के लिए नर्सिंग होम को सील कर दिया।
शहर के थाना कलां मार्ग पर भारद्वाज नर्सिंग अस्पताल में 11 अप्रैल को पीसी पीएनडीटी, रोहतक की टीम ने छापा डाला था। उस दौरान टीम को एमटीपी किट मिली थी। एक महिला को गर्भपात की दवा दने पर टीम ने इसकी कड़ी को उत्तर प्रदेश के बिजनौर से जोड़ा था, जहां पर उसका अल्ट्रासाउंड हुआ था।
ऐसे में अस्पताल की चिकित्सक सहित कई अन्य पर बिजनौर में मुकदमा दर्ज होने के साथ ही खरखौदा में भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद चिकित्सक तमन्ना का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी यह नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा था। इसी सूचना पर बुधवार को पीसी पीएनडीटी टीम ने नोडल अधिकारी डाॅ. प्रवीन ढोचक के नेतृत्व में अस्पताल पर छापा डाला। इस दौरान नगर पालिका की टीम भी सचिव पंकज जून के नेतृत्व में मौजूद रही।
जांच में टीम ने पाया कि अस्पताल को संचालित किया जा रहा है, ऐसे में टीम ने ओपीडी रजिस्टर के फोटो ले लिए। वहीं, टीम ने पाया कि एक महिला की दोपहर में डिलिवरी भी करवाई गई है, लेकिन मौके पर चिकित्सक नहीं है।
जिस पर टीम ने उक्त महिला को इस अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया और इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया।
इस दौरान डाॅ. संजय शर्मा, डाॅ. अंजू सांगवान सहित नगरपालिका के कनिष्ठ अभियंता हरीश, पटवारी फूल कुमार व पैरोकार सोनू भी मौजूद रहे।