संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सोनीपत में मंगलवार को अधिवक्ता बलूचिस्तान के समर्थन में सड़क पर उतरे। उन्होंने हाथों में बलूचिस्तान के झंडे लेकर समर्थन में नारे लगाए। वकीलों ने कोर्ट रोड से हनुमान मंदिर तक पैदल यात्रा निकाली।
मंदिर पहुंचकर अधिवक्ताओं ने जलाभिषेक किया। उन्होंने बलूचिस्तान सहित देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने दावा किया कि 11 अगस्त 1947 से बलूचिस्तान भारत को अपना देश मानता है। पाकिस्तान ने वहां जबरन कब्जा कर रखा है। बलूचिस्तान ने स्वयं को आत्मनिर्भर देश घोषित कर रखा है और पाकिस्तान को अपना देश नहीं मानता।
उसकी संस्कृति और परंपराओं में भारत से काफी समानता है। इस दौरान सतेंद्र दहिया, नरेंद्र गंगाना, पवन राणा, वैभव दहिया, रोबिन त्यागी और मंजू मलिक मौजूद थे। यशपाल दहिया, गौरीशंकर, रोहित, मोहित, बिजेंद्र, अमित और आनंद खत्री सहित अन्य अधिवक्ता भी उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि भारत को बलूचिस्तान के लोगों का समर्थन करना चाहिए। वे इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष उठाएंगे। अधिवक्ताओं ने बलूचिस्तान को आत्मनिर्भर देश का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने जल्द ही बलूचिस्तान के समर्थन में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अपना पक्ष रखेंगे।