गन्नौर। गांव बांय में 36 कनाल जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि जिस जमीन का स्वामित्व रिकॉर्ड पहले से निजी फर्म के नाम दर्ज है उसकी रजिस्ट्री फर्जी अथॉरिटी लेटर और निदेशकों के जाली हस्ताक्षरों के आधार पर कर दी गई।
मामला उजागर होने के बावजूद अब तक न तो विवादित रजिस्ट्री को निरस्त करने की दिशा में कोई ठोस प्रशासनिक कदम उठाया गया है और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई। गन्नौर बार एसोसिएशन के प्रधान गौरव त्यागी ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षकारों और दस्तावेजों की गहन जांच की जाती है तभी पंजीकरण संभव होता है।
चेतन शर्मा ने कहा कि तहसील में रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों की जांच से लेकर ट्रांजेक्शन अमाउंट सत्यापन की जिम्मेदारी तहसीलदार या नायब तहसीलदार की होती है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।