फोटो 01: सोनीपत के नागरिक अस्पताल परिसर में लाई गई नई लॉन्ड्री मशीनें। संवाद
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में नई लॉन्ड्री मशीन पहुंच चुकी है। अब अस्पताल में कार्यरत धोबियों को हाथ से चादरें धाेने की आवश्यकता नहीं होगी। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से लॉन्ड्री मशीन उपलब्ध कराई है। कंपनी की ओर से जल्द ही इन मशीन को इंस्टाल कर चालू करा दिया जाएगा। अमर उजाला ने धोबियों के सामने आ रही इस समस्या को सोनीपत माई सिटी में अपने 13 जनवरी के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
जिला नागरिक अस्पताल में आठ माह से कपड़े धोने की (लॉन्ड्री) मशीन खराब थी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मशीन को ठीक नहीं कराया जा रहा था। धोबी रोजाना बेडशीट, चादर और दैनिक प्रयोग होने वाले कपड़ों को हाथों से धोने को मजबूर हो रहे थे। आपातकालीन कक्ष सहित वार्डों में मरीजों को बेड पर साफ चादरें मिले, उसके लिए कपड़े धोने के लिए लॉन्ड्री मशीन को लगाया गया था। जुलाई, 2024 में मशीन में तकनीकी खराबी आई थी। उसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मशीन को ठीक नहीं करवाया। लॉन्ड्री वार्ड में तैनात चार कर्मचारियों को चादरें व अन्य कपड़े हाथों से धोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। नागरिक अस्पताल को 100 से 200 बिस्तर का किया गया था। सप्ताह में दिन के हिसाब से बेड पर चादरों को बिछाना निर्धारित किया हुआ है।
लॉन्ड्री मशीनें चालू होने से कम समय में होगी सफाई
कंपनी की ओर से लॉन्ड्री मशीनों को जल्द इंस्टॉल कर चालू किया जाएगा। इनमें एक मशीन कपड़ों की धुलाई के लिए है तो दूसरी मशीन कपड़ों को सुखाने के लिए है। मशीनें चालू होने के बाद अस्पताल के सभी खराब कपड़ों की धुलाई कम समय में हाेगी। धोबियों को हाथ से धुलाई नहीं करनी पड़ेगी। मरीजों को पहले से अधिक साफ-सुथरी चादरें और जरूरी कपड़े मिलने लगेंगे। मशीन में कपड़े डालने के महज 15 मिनट में यह साफ हो जाएंगे। गीले कपड़ों को सूखने के लिए दूसरी मशीन में डाला जाएगा। 20 मिनट में यह कपड़े सूख जाएंगे। अस्पताल में टिंबर मशीन भी काफी समय से कंडम है। धुलाई के बाद उन कपड़ों को व्यवस्थित करने के लिए इस टिंबर मशीन का इस्तेमाल होता है। उसके बाद उस कपड़े को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
जिला नागरिक अस्पताल में लॉन्ड्री मशीनें कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से मिली हैं। इन मशीनों को इंस्टॉल करने का काम बाकी है। इसके बाद कम समय में मरीजों को साफ चादरें व अन्य कपड़े उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन