सोनीपत। गांव गुमड़ में राजकीय पशु अस्पताल की सौगात मिलने के 3 साल बाद भी 160 वर्ग गज जमीन नहीं मिल पाई है। अस्पताल का निर्माण दो विभागों में उलझकर रह गया है। लोक निर्माण विभाग ने मई में पशुपालन विभाग को जमीन चयन की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन आज तक जमीन मुहैया नहीं हो पाई है। वहीं, योजना के तहत चयनित तीन में से दो गांव शाहपुर तगा व सांदल कलां में अस्पताल बन चुके हैं।
दो गांव में अस्पताल निर्माण के बाद गुमड़ में योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। ग्रामीणों ने वर्ष 2017 में गन्नौर में कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से गुमड़ में पशु अस्पताल बनवाने की मांग की थी।
वर्ष 2022 में प्रस्ताव पास होने के बाद घोषणा के तहत गांव गुमड़, सांदल कलां व शाहपुर तगा में करीब 1.05 करोड़ रुपये से तीन राजकीय पशु अस्पताल का निर्माण किया जाना था। दो गांव में अस्पता बन चुका है जबकि गुमड़ में 35 लाख रुपये से बनने वाले अस्पताल के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है।
छह माह में भी नहीं मिली दूसरी जगह
गुमड़ में पहले गांव के बीच पार्क की जमीन पर पशु अस्पताल निर्माण के लिए जगह चयनित की गई थी लेकिन ग्रामीण उस जगह अस्पताल निर्माण के लिए राजी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क बच्चों व बुजुर्गों के टहलने के लिए बनाया गया है। यहां पशु अस्पताल बनने से सार्वजनिक सुविधाओं पर असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ेगी। ऐसे में लोक निर्माण विभाग ने पशुपालन विभाग को जमीन चयन की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन आज तक दूसरी जगह का चयन नहीं हो पाया है।
चार गांवों की परेशानी हो सकती है हल
गांव में पशु अस्पताल के निर्माण से गुमड़ सहित आसपास के गांव अहीर माजरा, अगवानपुर व शेखपुरा के ग्रामीण को भी लाभ मिल सकता है। फिलहाल इन गांवों में चिकित्सा सुविधा नहीं होने से पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इन गांवाें के लोगों को पशुओं को इलाज के लिए गन्नौर के अस्पताल लाना पड़ता है। गुमड़ में यह सुविधा होने से चार गांव के ग्रामीणों की परेशानी हल हो सकती है।
गांव गुमड़ में पशु अस्पताल निर्माण के लिए पशुपालन विभाग को जमीन चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जमीन नहीं मिलने से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। जैसे ही जगह मिल जाएगी विभाग अस्पताल का निर्माण करवाने के लिए तैयार है। -पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।