सोनीपत। किसान आंदोलन-2 के दौरान बंद किए गए कुंडली-सिंघु बॉर्डर को एक साल से अधिक समय बाद अब पूरी तरह से खोलने का काम शुरू हो गया है। अब तक संपर्क मार्ग और हाईवे की सिर्फ एक लेन से दिल्ली में प्रवेश मिल पा रहा था। शाम चार बजे से हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। हाईवे खुलवाने को लेकर विधायक निखिल मदान विधानसभा में मांग उठा चुके थे। साथ ही लोगों ने दिल्ली में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब वर्मा से मिलकर गुहार लगाई थी। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद पंजाब के किसान 13 फरवरी, 2024 को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे। वहां सुरक्षा बलों के साथ टकराव होने पर दिल्ली पुलिस प्रशासन ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। बॉर्डर पर अभेद्य किलेबंदी कर सीमेंट की दीवार तक खड़ी कर दी गई थी। मामला शांत होने पर पहले सर्विस रोड और बाद में पानीपत-दिल्ली हाईवे की एक लेन को खोल दिया गया था। उसके बाद दिल्ली-पानीपत हाईवे की दो लेन पूरी तरह खोल दी थी, लेकिन पानीपत-दिल्ली हाईवे पर एक लेन ही पूरी तरह खुली थी। इससे वाहन चालकों को पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही थी। कुंडली-सिंघु बार्डर पर सुबह-शाम अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। नौकरीपेशा, उद्योगपति व व्यापारी वर्ग सबसे अधिक परेशान होते थे।
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सुबह जगी थी उम्मीद, शाम को राहत
अंबाला के पास शंभू बॉर्डर को खोलने का काम बुधवार रात को ही शुरू हो गया था। ऐसे में कुंडली-सिंघु बॉर्डर के खुलने की उम्मीद जग गई थी। हालांकि शाम तक कोई हलचल नहीं हुई। शाम चार बजे दिल्ली प्रशासन बुलडोजर लेकर कुंडली-सिंघु बॉर्डर सीमा पर पहुंचा और बैरिकेड हटाने का काम शुरू कर दिया। अब हाईवे की सभी चार लेन खोलने के बाद से वाहन सरपट दौड़ सकेंगे।
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विधायक ने उठाई थी मांग
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर लोगों की परेशानी को देखते हुए विधायक निखिल मदान ने 12 मार्च को विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने लोगों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा था इससे लोगों को दिल्ली आवागमन में दिक्कत होती है। यह हाईवे दिल्ली से हरियाणा ही नहीं पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश को भी जोड़ता है। ऐसे में उन्होंने इसे खोलने की मांग की थी।
प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री से की थी मुलाकात
कुंडली-सिंघु क्षेत्र के गांवों के लोगों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब वर्मा से मिला था। जिसमें गांव नांगल कलां निवासी विकास तुषीर, जयवीर सेवली, अशोक वर्मा, जसबीर मान, योगेश मान, गजे सिंह, देवराज और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। उनके मुद्दे को अमर उजाला ने 25 फरवरी के अंक के प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब स्टेप फाउंडेशन के अध्यक्ष विकास तुषीर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री के प्रयास से उनकी समस्या दूर हो सकी।
फोटो :24: सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर बैरिकेड तोड़ता बुलडोजर चालक। संवाद- फोटो : mathura