सोनीपत। कुंडली गांव को नगर पालिका बनाने की सभी अड़चन खत्म हो गई हैं और उस पर लगाए गए स्टे को हाईकोर्ट ने हटा दिया है। कुंडली में शुक्रवार से नगर पालिका के आधार पर काम होगा और इसके लिए वहां कार्यालय भी खोला जाएगा। कुंडली नगर पालिका में वार्डबंदी कराकर चुनाव भी कराए जाएंगे और चुनाव होने तक एसडीएम को वहां का प्रशासक बनाया गया है। इस तरह से कुंडली के सरपंच को बड़ा झटका लगा है, जिससे वहां चल रहे विकास कार्य दोबारा से थम जाएंगे।
कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने की घोषणा सीएम मनोहर लाल काफी पहले कर चुके थे। लेकिन सीएम मनोहर लाल ने 2017 में कुंडली को नगर पालिका बनाने के लिए कार्रवाई शुरू कराने की बात कही थी और इसका सर्वे करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसके बाद कुंडली का सर्वे किया गया था, जहां आबादी, जमीन, आय के साधन, लोगों की सुविधाएं आदि कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की गई थी। यह रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजी गई थी, लेकिन उसके बाद से सरकार को आगे फैसला लेना था। जिसपर शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव ने कुंडली को नगर पालिका बनाने का नोटिफिकेशन जारी कर आपत्ति मांगी थी। जिसमें पांच आपत्तियां आने पर सुनवाई के बाद कुंडली पंचायत को अक्टूबर 18 में खत्म कर दिया गया था और नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। कुंडली को नगर पालिका बनाए जाने के विरोध में सरपंच समेत कई लोग हाईकोर्ट में चले गए थे और यह कहा गया था कि नगर पालिका के चुनाव होने तक सरपंच का कार्यकाल ही चलता रहे। जिससे कुंडली में चल रहे विकास कार्य पूरे कराए जा सकें और वहां किसी तरह की समस्या नहीं हो सके। जिससे हाईकोर्ट ने नगर पालिका बनाने को लेकर स्टे दे दिया था और वहां दोबारा से सरपंच ही कार्य कर रहा था। लेकिन इसमें मामले में हाईकोर्ट ने स्टे खत्म कर दिया, जिससे कुंडली को पूरी तरह से नगर पालिका बनाने की घोषणा की गई है। कुंडली नगर पालिका के सबसे पहले प्रशासक एसडीएम आशुतोष राजन को बनाया गया है। एसडीएम आशुतोष राजन ने कहा कि वहां नगर पालिका का कार्यालय खोल दिया जाएगा और उस कार्यालय से सभी कार्य होंगे। इसके साथ ही वार्डबंदी भी जल्द कराई जाएगी, जिससे वहां चुनाव हो सकें।
--
इस तरह बनी कुंडली नगर पालिका
कुंडली नगर पालिका की सीमा नांगल कला, सेरसा, सिंघू बार्डर दिल्ली, नरेला, बाजिदपुर, सबौली, जांटी कलां, नाथूपुर की सीमाओं से मिलाई गई है। इसमें सिंघू बॉर्डर व नरेला दिल्ली के क्षेत्र हैं और कुंडली नगर पालिका की दो ओर से सीमाएं दिल्ली से मिली हैं। इस तरह यह हरियाणा की पहली ऐसी नगर पालिका है जो दिल्ली से आबादी के लिहाज से सबसे ज्यादा सटी है। इनके अलावा कुंडली में बनी सभी रेजीडेंसियल कॉलोनी भी नगर पालिका के दायरे में आ गई हैं।
--
लोगों पर टैक्स का बोझ भी बढ़ेगा
कुंडली में अभी तक पंचायती राज नियमों के आधार पर विकास समेत अन्य कार्य हो रहे हैं। अब कुंडली के नगर पालिका बनने से वहां विकास शहर की तर्ज पर शुरू हो जाएगा, लेकिन लोगों पर टैक्स समेत अन्य कई बोझ भी बढ़ेंगे। जिसमें प्रापर्टी टैक्स, बिजली के बिलों में एमसी टैक्स होगा तो मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराना होगा। वहां कोई भी काम शुरू करने के लिए नगर पालिका से अनुमति लेनी होगी और उसका भी टैक्स जमा कराना होगा। इनके अलावा भी काफी कार्रवाई शहरी स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार होगी।
--
कुंडली को नगर पालिका बनाने के मामले में हाईकोर्ट में केस चल रहा था, जिसमें स्टे हो गया था। अब हाईकोर्ट से स्टे खत्म हो गया है और कुंडली को पूरी तरह से नगर पालिका बना दिया गया है। अब वहां सभी कार्यालय नगर पालिका के आधार पर होंगे और उसके लिए वहां कार्यालय खोला जाएगा।
-आशुतोष राजन, एसडीएम सोनीपत