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केएमपी एक्सप्रेस वे पर गड्ढे भरने का काम शुरू, सफर होगा आसान

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केएमपी पर सड़क रिपेयर करने में जुटे निजी ग्रुप के कर्मी - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) पर लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए एचएसआईआईडीसी की सख्ती के बाद एस्सल ग्रुप ने गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही अफसरों ने चेतावनी दी कि केएमपी एक्सप्रेस वे की रिपेयर होने के बाद भी उनकी पेमेंट जारी की जाएगी। अब केएमपी की हालत में जल्द ही सुधार होने की उम्मीद है। अगले एक महीने में केएमपी पर गड्ढे ही नहीं मिलेंगे और वाहन चालकों के लिए चलना आसान हो जाएगा। केएमपी की जर्जर हालत का मुद्दा अमर उजाला ने मार्च में उठाया था।
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1873 करोड़ रुपये खर्च करके बनाए गए केएमपी एक्सप्रेस वे का उद्घाटन नवंबर 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। उसके बाद से अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यह एक्सप्रेस वे कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खरखौदा, बहादुरगढ़, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होता है। हाईवे पर आसपास के गांवों के लोगों को निकलने के लिए पुलिया बनाई गई है, लेकिन पुलिया बनाते हुए वहां पर लेवल सही नहीं लिया गया था। इसके साथ ही केएमपी पर जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इस कारण ही वाहन चालकों की जान को खतरा बना हुआ था। एक्सप्रेस-वे पर बनी पुलिया के ऊपर या गड्ढे में वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते थे और उससे वाहन भिड़ जाते थे। मुख्य टोल प्लाजा के पास भी हादसा होने का भय बना रहता है। एक्सप्रेस-वे पर प्रतिदिन 70 से 80 हजार लोग आवागमन करते हैं।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने अफसरों की अनदेखी के चलते केएमपी की हुई जर्जर हालत का मुद्दा 9 मार्च को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन लग गया। इस दौरान अमर उजाला की तरफ से केएमपी की जर्जर हालत का मुद्दा उठाए जाने के बाद एचएसआईआईडीसी के अधिकारी हरकत में आए। इसके बाद एचएसआईआईडीसी ने सड़क की रिपेयर नहीं करने के मामले में एस्सल ग्रुप को नोटिस दिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर एस्सल ग्रुप को समय पर अपनी पेमेंट चाहिए है तो वह केएमपी की रिपेयर करते रहे। रिपेयर नहीं करने पर उनको कोई पेमेंट नहीं दी जाएगी। नोटिस के बाद एस्सल ग्रुप केएमपी की रिपेयरिंग करने को तैयार हो गया है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद जून से रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया।
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साढ़े 14 साल तक की जानी है सड़क की रिपेयरिंग
केएमपी के निर्माण का ठेका लेने वाले एस्सल ग्रुप की ओर से सड़क रिपेयर साढ़े 14 साल तक की जानी है। अगर एस्सल ग्रुप समय पर सड़क रिपेयर करते है तो एचएसआईआईडीसी की तरफ से हर छह माह में 157 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। लेकिन सड़क की रिपेयर नहीं करने पर उस पेमेंट को रोक दिया जाएगा।
वर्जन
केएमपी पर सड़क रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है। अब वाहन चालकों को केएमपी से गुजरने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। एस्सल ग्रुप की ओर से जुलाई के अंत तक केएमपी पर बने सभी गड्ढों को भर दिया जाएगा।
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- सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी
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