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Sonipat News: हर बार अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ रहे खेवड़ा के ‘भाला वीर’

Fri, 29 May 2026 05:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :: सुमित आंतिल।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। गांव खेवड़ा के लाडले सुमित आंतिल ने एक बार फिर से देश का मान बढ़ाते हुए अपने ही रिकॉर्ड में सुधार किया है। बंगलुरु में आयोजित इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। खास बात यह है कि सुमित ने चौथी बार अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़ा है। खेवड़ा का ये ‘भाला वीर’ लगातार इतिहास लिख रहे हैं।

सुमित आंतिल कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। उनका प्रदर्शन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। खेवड़ा के लाल टोक्यो पैरालंपिक में देश का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख चुके हैं। उन्होंने तब 68.55 मीटर भाला फेंका था। सुमित आंतिल ने पहले 70.17 मीटर का रिकॉर्ड बनाया, फिर उसे 70.83 मीटर तक पहुंचाया।
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इसके बाद हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो कर नया इतिहास रचा और अब 74.82 मीटर के अद्भुत प्रयास के साथ दुनिया को फिर चौंका दिया। सुमित की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल देश, बल्कि पूरे हरियाणा और सोनीपत को गौरवान्वित कर दिया है।
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अब 80 मीटर के लक्ष्य पर नजर

विश्व रिकॉर्ड कायम करने के बाद भी सुमित की भूख खत्म नहीं हुई है। उनका अगला लक्ष्य 80 मीटर की दूरी पार करना है। मौजूदा फॉर्म और निरंतर प्रदर्शन को देखकर खेल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले समय में सुमित यह मुकाम भी हासिल कर सकते हैं।

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सुमित की उपलब्धियां

-टोक्यो पैरालंपिक 2020 में स्वर्ण पदक

-पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी गोल्ड मेडल

-2023, 2024 और 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खिताब

-2022 एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक

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दर्द से पैदा हुआ जुनून, संघर्ष से बना चैंपियन
पैरा ओलंपियन सुमित आंतिल का सफर हमेशा कठिनाइयों भरा रहा है। 11 साल पहले पहले हुए सड़क हादसे में एक पैर गंवाने के बाद भी सुमित ने जिंदगी से कभी हार नहीं मानी और बुलंद हौसले से हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया। चेहरे पर मुस्कान रखने वाले सुमित ने न सिर्फ अपने से बड़ी तीन बहनों रेनू, सुशीला व किरण को हौसला दिया बल्कि इकलौते बेटे के साथ हुए हादसे से दुखी मां निर्मला देवी को भी कहा था कि- मां रो मत, जो दो पैर वाला नहीं दे पाएगा, तुझे इतना सुख दूंगा। अपनी कही बात को वह लगातार सच कर रहे हैं। सुमित देश का गौरव बन चुके हैं। उनके हर थ्रो के साथ करोड़ों भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा हो रहा है।
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गांव खेवड़ा में जश्न का माहौल

सुमित की नई उपलब्धि के बाद गांव खेवड़ा में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों, खेल प्रेमियों और युवाओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि सुमित ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।
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