संवाद न्यूज. एजेंसी
खरखौदा। शहर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए अमृत-2 योजना का कार्य अंतिम चरण में है। करीब 26 करोड़ रुपये की लागत वाला यह कार्य अब पूरा होने के करीब पहुंच गया है। इसके तहत रोहतक मार्ग स्थित पुराने जलघर को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है।
जलघर के आधुनिकीकरण और नई पेयजल पाइपलाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब विभिन्न लाइनों को जोड़ने और परीक्षण की तैयारी की जा रही है। परीक्षण सफल होने के बाद जल्द ही शहरवासियों को पानी की आपूर्ति शुरू होगी।
जलघर में फिल्ट्रेशन इकाई, पंपिंग प्रणाली और क्लोरीनीकरण व्यवस्था को उन्नत किया गया है। इसे एनसीआर वाटर चैनल से जोड़ा गया है, जिससे नियमित कच्चा पानी उपलब्ध होगा। जलघर की क्षमता बढ़ाकर करीब 3.5 एमएलडी की जा रही है। शहर में पांच किलोमीटर से अधिक लंबी नई पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई है। यह बाईपास के अंदर आने वाले क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तंत्र को मजबूत करेगी।
नया जलघर शुरू होने के बाद शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए दो जलघर उपलब्ध होंगे। अभी दिल्ली मार्ग स्थित जलघर से शहर में पानी की आपूर्ति की जा रही है। रोहतक मार्ग का जलघर शुरू होने पर दोनों मिलकर शहर की पेयजल जरूरतें पूरी करेंगे। इससे शहर को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। पानी का दबाव संतुलित रहेगा और कम दबाव वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इंसेट
आधुनिक तकनीक और लक्ष्य
जलघर में स्काडा तकनीक के माध्यम से पानी के स्तर, पंपों की कार्यप्रणाली और दबाव की निगरानी की जाएगी। क्लोरीन की मात्रा की जांच भी इस तकनीक से होगी। योजना का लक्ष्य शहरवासियों को पहले से अधिक मात्रा में स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। विभाग सुबह और शाम नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
वर्जन
-रोहतक मार्ग के जलघर के शुरू होने से शहर की पेयजल सप्लाई बेहतर होगी। लोगों को स्वच्छ व पूरा पानी मिल सकेगा। प्रदेश सरकार की तरफ से गंभीरता से लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। खरखौदा का पेयजल प्रोजेक्ट भी इसी का हिस्सा है।-पवन खरखौदा, विधायक।
शहर के रोहतक मार्ग पर बन रहा जलघर।