गोहाना। एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद बुधवार को गांव पहुंचे खानपुर कलां के स्टार रेडर आशु मलिक का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। गांव में उनके सम्मान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और खेल प्रेमी जुटे।
आशु को खुली जीप में बाइक काफिले के साथ गांव लाया गया। रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा कर और फूलों व नोटों की मालाएं पहनाकर अपने चहेते खिलाड़ी का अभिनंदन किया।
बाबा पीपनाथ के डेरे में आयोजित समारोह में गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने आशु मलिक को माला पहनाकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। इस दौरान ग्रामीणों ने आशु का स्वागत किया। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
समारोह में हरियाणा कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप दलाल, बलबीर पहल, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र दूहन, लीला पहलवान, दिलावर सरपंच, जोगेंद्र, पूर्व सरपंच विजयपाल, महंत राजेश नाथ, सतीश नंबरदार, बिजेंद्र मास्टर, राजू पहलवान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना आशु मलिक की व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं बढ़कर पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आशु ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उनकी सफलता से सोनीपत में जाहरी चौक पर गांव खानपुर कलां निवासी भारतीय महिला कुश्ती टीम के पूर्व मुख्य प्रशिक्षक कुलदीप मलिक ने उनका स्वागत करते हुए आशीर्वाद दिया।
फाइनल में ईरान को हराकर जीता था स्वर्ण
आशु मलिक ने जापान के आईची-नागोया में 26 सितंबर को खेले गए एशियन गेम्स के कबड्डी फाइनल में भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। भारत ने ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
युवाओं से बोले-खेल मैदान में बहाएं पसीना
समारोह में आशु मलिक ने युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से मान-सम्मान, पैसा और पद हासिल किया जा सकता है, लेकिन देश के लिए पदक जीतकर तिरंगा ऊंचा करने का गौरव सबसे अलग है। आशु ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत प्रतिभा को पहचानकर सही दिशा देने और लगातार मेहनत करने की है।
किसान हैं आशु मलिक के पिता
24 वर्षीय आशु मलिक वर्तमान में रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत हैं और प्रो कबड्डी लीग में दबंग दिल्ली की ओर से राइट रेडर की भूमिका निभाते हैं। उनके पिता रमेश मलिक किसान हैं। बेटे की उपलब्धि पर परिवार और ग्रामीणों में खासा उत्साह है।