भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में मनौली गांव में किसानों ने केजीपी का निर्माण कार्य बंद कराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप था कि वे लोग केजीपी का काम कराने के पक्ष में हैं, लेकिन जब तक जमीन के मुआवजे को लेकर सरकार से बात चल रही है तब तक इसका काम शुरू नहीं होना चाहिए।
किसान संघ के दिनेश, अरुण, दयाचंद, विकास, हजारी, अरुण ने बताया कि केजीपी का काम शुरू कराकर या तो सरकार किसानों को धोखा दे रही है या उनकी मांग नहीं मानना चाहती है। उन्होंने कहा कि राई में प्रधानमंत्री के दौरे के समय किसानों को सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि पहले किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। किसान अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ तक चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने चेताया कि किसानों की अनदेखी करने वाली पिछली सरकार किसान विरोधी नीति के कारण विपक्ष में भी नहीं बैठ सकी। इसलिए अब सरकार को चाहिए कि वह किसानों की समस्याओं की तरफ ध्यान देकर उनकी परेशानी को दूर करे। उनका कहना कि अधिकारियों का भी रवैया किसानों के हित में नजर नहीं आ रहा है। किसानों ने कहा कि वह विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन विकास भी ऐसा हो जो किसानों के हित में हो। उन्होंने सरकार को चेताया कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, वह चैन से नहीं बैठेंगे।