रविवार सुबह उमस के साथ हुई गर्मी से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं रक्षाबंधन पर्व पर ट्रेनों और बसों में भारी भीड़ होने से यात्रियों को गर्मी का सामना करना पड़ा। लोग दोपहर तक पसीनों से तर बतर रहे। दोपहर बाद आसमान बादलों से घिर गया। गोहाना में जहां भारी बारिश से किसानों को काफी राहत मिली वहीं सोनीपत में केवल बूंदाबांदी का दौर रहा। खरखौदा, राई व गन्नौर क्षेत्र सूखे रहे।
गोहाना में रविवार दोपहर बाद लगभग साढ़े चार बजे आसमान में बादल घिर आए और बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई लेकिन फिर भी किसानों ने राहत की सांस ली। 2 जुलाई के बाद क्षेत्र में रविवार को मानसून की दूसरी बारिश हुई है। इस बारिश का धान और गन्ने की फसल में तो लाभ होगा ही साथ में किसान बाजरा और मक्के की फसल की बिजाई भी कर सकेंगे। कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. आरपी मेहरा ने कहा कि बारिश से प्रत्येक फसल में फायदा होगा। बारिश से कपास की फसल में तेला कीट की कमी आती है। गन्ने की फसल में भी इस बारिश का लाभ होगा।
दूसरी तरफ शहर में बारिश के बाद जगह-जगह जल भराव की समस्या बन गई। इससे प्रशासन की पानी निकासी की व्यवस्था की भी पोल खुल गई। शहर का पार्क रोड शमशान घाट के नजदीक जलमग्न हो गया। नई सब्जी मंडी के प्रवेश द्वार, जींद रोड पर कालेज मोड़ के नजदीक पानी जमा होने से आम जन को कुछ हद तक परेशानी भी हुई बारिश से मौसम में ठंडक बन गई। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। बारिश के चलते मौसम खुशनुमा होने से शहर के लोग पार्कों में सैर के लिए ज्यादा संख्या में पहुंचे।
सोनीपत में रविवार को इंद्रदेव लोगों की उम्मीदों पर थोड़ा ही खरे उतर पाए। करीब पौने तीन बजे हलकी बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। थोड़ी देर के बाद बारिश बंद हुई। फिर शाम तक मौसम में आए बदलाव से शहरवासी खुश दिखाए दिए। रविवार को भी छुट्टी के साथ-साथ रक्षा बंधन पर्व होने के बावजूद दिनभर सड़कों पर चहल पहल रही। लोगों ने रक्षाबंधन पर्व को धूमधाम से मनाया। शाम होते होते लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पार्क में भी घूमने का आनंद उठाया।