सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में सात माह से ऑर्थोडॉन्टिक ओपीडी बंद पड़ी है। सात माह से मरीजों को जबड़ों का इलाज नहीं मिल रहा है। मरीजों को जबड़ों का इलाज कराने के लिए पीजीआई रोहतक रुख करना पड़ रहा है। इससे उनको परेशानी उठानी पड़ रही है।
टेढ़े-मेढ़े व गलत संरेखित दांतों और जबड़ों को ठीक कराने के लिए प्रदेश में पहली बार किसी जिला नागरिक अस्पताल में ऑर्थोडॉन्टिक ओपीडी मई 2024 में शुरू हुई थी। मई 2025 में दंत सर्जन डॉ. सुभाष गहलावत पदोन्नत होकर पानीपत चले गए थे। उसके बाद ऑर्थोडॉन्टिक ओपीडी को बंद करना पड़ा।
टेढ़े-मेढ़े व गलत संरेखित दांतों और जबड़ों को ठीक कराने के लिए मरीजों को अब रोहतक पीजीआई जाना पड़ रहा है। पीजीआई में वेटिंग ज्यादा होने की वजह से अस्पताल में पहली बार इस ओपीडी की शुरुआत की गई थी। इससे मरीजों के समय की बचत के साथ आर्थिक बोझ भी कम होने लगा था। शहर के अलावा आसपास के गांवों के मरीजों को भी इस ओपीडी का लाभ मिलने लगा था।
लैब के साथ किया जाएगा एमओयू
जिला नागरिक अस्पताल में ऑर्थोडॉन्टिक ओपीडी शुरू करने के लिए जरूरी लैब टेस्ट व एक्स-रे के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया था। अस्पताल में ऑर्थोडॉन्टिक ओपीडी में इलाज कराने वाले मरीजों से एक बार में 200 रुपये की फीस ली जाती थी। साथ ही अस्पताल में गलत संरेखित दांतों और जबड़ों के ऑर्थोडॉन्टिक उपचार के लिए सामान उपलब्ध होने पर 1500 रुपये में इलाज मिलता था।