भीषण गर्मी के बीच जहां शहर में जल संकट गहराया हुआ है, वहीं सारथी जन सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट ने जल स्मृति संस्था के सहयोग से बूंद-बूंद बचाने की पहल शुरू की है। इसके तहत सार्वजनिक व निजी नलों से टपकने वाले पानी को तुरंत बंद कराया जाएगा। संस्था के लोगों से नलों के लीक होने के बारे में सूचना देने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर सार्वजनिक किया है।
लोगों से अपील की गई है कि कहीं पर भी नल लीक मिले तो व्हाटसएप नंबर पर इसकी सूचना दें, ताकि उसे ठीक करवाकर पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सके। नि:स्वार्थ और जनहित में शुरू की गई इस मुहिम के साथ लोग जुड़ने लगे हैं। यही नहीं पानी बचाने के लिए अपना पूर्ण सहयोग भी देने लगे हैं। जल स्मृति संस्था के खर्च पर सार्वजनिक नलों को ठीक करवा पानी बचा रही है। लोग जल के महत्व को समझते हुए इसे बचाने में अपना योगदान देने लगे हैं।
जिले में भूजल स्तर बेहद नीचे चला गया है। सारथी जन सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक सतपाल अहलावत ने बताया कि वर्ष 2008 में हमारी संस्था पानी बचाओ जन चेतना अभियान समिति ने पानी बचाने का अभियान शुरू किया था। सोनीपत के गठन के बाद पानी बचाने की मुहिम शुरू करने वाली हमारी पहली संस्था थी। इस अभियान को पानी बचाओ जीवन बचाओ नाम दिया गया। 14 साल से यह संस्था निरंतर जनहित के लिए कार्य कर रही है। मुहिम के तहत जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, गांव में जाकर जल पंचायतें की गईं और पेंटिंग व स्लोगन के बाद से भी लोगों को जल बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में जल संरक्षण में बेहतर कार्य करने पर सतपाल अहलावत को सम्मानित किया था। अब सारथी ट्रस्ट ने जल स्मृति के साथ पानी बचाने की मुहिम शुरू की है।
ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में 12 साल का अनुभव दिलाएगा सफलता
सतपाल अहलावत ने बताया कि ऋषिहुड विश्वविद्यालय से जल स्मृति संस्था की संस्थापक डॉ. भक्ति देवी अर्बन वाटर डॉक्टर के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में बूंद-बूंद बचाने का अभियान 12 साल तक चलाया, जिसके सार्थक परिणाम सामने आए। डॉ. भक्ति देवी अब इस अभियान को सोनीपत से शुरू कर रही हैं। इसके आने वाले समय में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
बैंयापुर व वार्ड 20 से शुरू किया अभियान
सतपाल अहलावत ने बताया कि बूंद-बूंद बचाओ अभियान की शुरुआत बैंयापुर व वार्ड 20 से की गई है। यहां हमारे स्वयंसेवक सार्वजनिक या निजी नल लीक होने की मैपिंग कर रहे हैं। जहां कहीं पर भी नल लीक की समस्या का पता लगेगा, वहां जल स्मृति संस्था अपने खर्च पर टूटियां व वॉल लगवाएगी। इसके तहत 20 मई को सभी पलंबर की बैठक आयोजित की जाएगी। अभियान की सफलता में इनका सहयोग लिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल बचाया जा सके। इस मुहिम में वार्ड-20 की पार्षद नीतू दहिया, हिंदू महाविद्यालय के विद्यार्थी भी जुड़कर काम कर रहे हैं।
अब तक बना चुके हैं 15 हजार जलमित्र
सतपाल अहलावत 14 साल से जल बचाने की मुहिम को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। इस कड़ी मेें वे अब तक करीब 15 हजार जलमित्र बना चुके हैं। ये जलमित्र लोगों को जहां विभिन्न माध्यम से जल बचाने के लिए जागरूक करते हैं, वहीं इसके महत्व से भी अवगत कराते हैं। सतपाल अहलावत बताते हैं कि हमारा उद्देश्य जल दोहन को रोकना है। वे बताते हैं कि लीकेज के कारण अत्यधिक मात्रा में पानी बर्बाद हो जाता है। वर्तमान में शुरू की गई मुहिम से लीकेज से बर्बाद हो रहे पानी को बचाया जा सकेगा। इसके तहत स्वयं सेवक अब घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी करेंगे। सतपाल अहलावत कहते हैं कि जिला प्रशासन से इस मुहिम को मजबूती देने के लिए कई बार आग्रह किया गया है, लेकिन अभी तक सहयोग नहीं मिला है।