फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: जैनपुर का लाल बना भारतीय सेना का अधिकारी, यश त्यागी के कंधों पर सजे लेफ्टिनेंट के सितारे

Mon, 15 Jun 2026 04:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो : भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में अपने माता पिता के साथ लेफ्टिनेंट यश त्यागी। स्रोत : पर
विज्ञापन
सोनीपत। गांव जैनपुर हाल मोहल्ला कोट सोनीपत निवासी यश त्यागी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने। तीन साल तक लाइब्रेरी में बैठकर की गई कठिन मेहनत, आत्मविश्वास और देशसेवा के जुनून ने उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बना दिया। रविवार को सोनीपत पहुंचने पर यश का मुरथल जीटी रोड से लेकर शहर के मुरथल अड्डा चौक तक खुली जीप में अभिनंदन किया गया।
विज्ञापन

भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स की पासिंग आउट परेड में यश त्यागी ने ऐतिहासिक अंतिम बाधा पार की और भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए। गौरवपूर्ण समारोह की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने की। प्रशिक्षण के दौरान यश कैरियप्पा बटालियन की पुंछ कंपनी का हिस्सा रहे।

यश ने स्कूल के दिनों में ही सेना में जाने का सपना देख लिया था। जेवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इग्नू से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया और बिना किसी कोचिंग के लगातार तीन वर्ष तक सेल्फ-स्टडी की।
विज्ञापन

ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ में एलएलबी में प्रवेश लिया, लेकिन 24 एसएसबी बेंगलुरु से भारतीय सेना के लिए अनुशंसित होने के बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई छोड़कर अपने बचपन के सपने को चुना और आईएमए का रुख किया।
परिवार में पहले ग्रुप-ए अधिकारी बने

यश अपने परिवार में इतनी कम उम्र में ग्रुप-ए राजपत्रित अधिकारी बनने वाले पहले सदस्य हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय पिता अनुराग त्यागी, माता अरुण त्यागी, भाई अधिवक्ता हर्ष त्यागी, दादी राजेश्वरी देवी और स्वर्गीय दादा महेंद्र प्रकाश त्यागी को देते हैं। वहीं, कारगिल युद्ध में हिस्सा ले चुके उनके नाना स्व. विजेंद्र त्यागी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें