बेशक देर शाम तक दिल्ली-अंबाला की रेल पटरी दुरुस्त नहीं हुई हो, लेकिन जिले में जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। धीरे-धीरे ही सही सबकुछ सामान्य होता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जहां सोनीपत शहर के बाजारों में किसी ने दुकानें खोल ली थी, और कोई बंद करे बैठा था।
वहीं जीटी रोड पर गाड़ियां पहले की तरह फर्राटे भर रही थी। पूरे जिले में सिर्फ एक गोहाना ही ऐसा क्षेत्र रहा, जहां पर अभी भी सब कुछ सामान्य नहीं हो पाया है। मंगलवार को ही भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडन का मामला सामने आया।
जीटी रोड हुआ बहाल, रेलमार्ग देर रात तक
जीटी रोड पर सोमवार देर रात ही सेना ने आंदोलनकारियों से कब्जा ले लिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से ऐतिहातन 24 घंटों के लिए ड्यूटी मैजिस्ट्रेट और फोर्स भी जीटी रोड पर नियुक्त की है। दूसरी ओर दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक भी देर रात तक सुचारु होने की संभावना है। हालांकि यहां आंदोलनकारियों को मंगलवार सुबह ही हटाया गया था। उसके बाद से रेलवे प्रशासन क्षतिग्रस्त रेलवे लाइन और अन्य चीजों को ठीक करने में जुटा है।
खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर शहर शांत
पूरे मामले में सिर्फ सोनीपत, खरखौदा और गन्नौर शहर ही शांत रहे। तीनों जगहों पर खौफ का आलम तो रहा, लेकिन कोई बड़ी वारदात नहीं हो पाई। सोनीपत शहर में सिक्का कॉलोनी और गन्नौर शहर में रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ का मामला सामने आया था, लेकिन खरखौदा शहर पूरी तरह से शांत रहा। हालांकि खरखौदा में सोमवार देर रात को बीडीपीओ कार्यालय में आगजनी का प्रयास किया गया। इसके अलावा इन तीनों ही जगहों पर मंगलवार को स्थिति सामान्य होने लगी और बाजारों में भी दुकानदार लौटने लगे थे।
स्कूल-कॉलेज एक दिन और रहेंगे बंद
प्रशासन ने ऐतिहातन सोनीपत जिले में स्कूल-कॉलेजों को एक दिन और बंद रखने का निर्णय लिया है। इसी तरह गोहाना में भी स्थिति के गंभीर होने के चलते कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है, जबकि अन्य जिले में कर्फ्यू खोल दिया है।