जाट नेताओं और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को दिल्ली
में हुए समझौते के बाद आशा की किरण जागी थी कि अब प्रदेश में जीवन जल्द ही
पटरी पर आ जाएगा। सोमवार सुबह जीटी रोड पर यातायात सुचारु रूप से चला और
लोगों ने राहत की सांस ली ही थी।
सोमवार सुबह कर्फ्यू जारी होने के
चलते पुलिस कर्मचारियों ने दोबारा से दुकानों को बंद करवाना शुरू किया।
वहीं आंदोलनकारियों में से कुछ लोगों ने जीटी रोड पर लड़सौली गांव के पास
दोबारा जाम लगा दिया। शहर के कच्चे क्वार्टर में सोमवार सुबह भी असामाजिक
तत्व बाइक पर सवार होकर घूमते रहे।
दहशत के चलते दुकानदारों ने
अपने दुकानों के रास्ते को मेज लगाकर बंद कर दिया। नतीजा ये हुआ कि पुलिस
ने एकाएक सोनीपत की दुकानों को बंद करवाना शुरू कर दिया जिससे लोगों में
दहशत का माहौल बन गया। एकाएक सारा शहर वीरान हो गया। शहर के प्रमुख बाजार
कच्चे क्वार्टर स्थित दुकानों के दुकानदार धमकी के बाद प्रति पहले से ही
चिंतित थे।
पंजाबी समुदाय ने निकाला शांति मार्च
पंजाबी
बिरादारी एकता मंच के सदस्यों ने सोमवार को मंच अध्यक्ष मोहन टुटेजा के
नेतृत्व में विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न शहर में हुए लूटपाट व आगजनी की
घटनाओं को देखते हुए शांतिमार्च निकाला। इस दौरान लोगों से आग्रह किया गया
कि वे शांति बनाए रखें और अपनी व अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए सतर्क
रहें। प्रशासन से लोगों की जान माल की सुरक्षा प्रदान करने की अपील की गई।
हमें नहीं जाट आरक्षण का विरोध, दुकानों की है चिंता
कच्चे
क्वार्टर मार्केट एसोसिएशन के प्रधान यशपाल का कहना है कि वे यहां किसी के
आरक्षण के विरोध में इकट्ठा नहीं हुए हैं, वे केवल अपनी संस्थानों और
दुकानों की सुरक्षा चाहते हैं। अपनी दुकानों व बाजारों की सुरक्षा को लेकर
चिंतित हैं।