प्रदेश में जाट आरक्षण को लेकर चिंगारी सुलग चुकी है। आरक्षण के चलते चाहे सोनीपत जिले में अभी जाम नहीं लगा है, लेकिन आरक्षण की आंच जरूर पहुंच गई है। रोहतक की घेराबंदी के चलते सोनीपत जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। न केवल पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, बल्कि चार दंगारोधी कंपनियों को भी तैनात कर दिया गया है। हालांकि सोमवार को जिले में कहीं भी सड़क जाम नहीं किया गया, लेकिन रोहतक रूट बंद होने से रोडवेज की बसों में दिनभर यात्री इधर से उधर भटकते रहे। रोहतक में जगह-जगह रोड जाम होने से सोनीपत डिपो की रोडवेज बसों रोहतक की सीमा तक पहुंच रहती रही। इतना ही नहीं, चार बस तो खरखौदा और रोहतक के बीच जाम में फंस गई। किसी तरह रोडवेज प्रशासन ने बसों को रोहतक से वाया गोहाना निकालने का प्रयास किया, लेकिन बाद में गोहाना-रोहतक के बीच जसिया में जाम के चलते वह विकल्प भी बंद हो गया।
इन रूटों से निकल रहीं बसें
सोनीपत से रोहतक जाने वाली रोडवेज बसों को जाट आरक्षण आंदोलन के चलते सोमवार को सोनीपत-रतनगढ़-फरमाणा-जसराणा-लाढोठ-किलोई होते हुए रोहतक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि सोमवार दोपहर बाद किलोई के पास सड़क जाम करने के बाद सोनीपत डिपो की बसें रोहतक बस स्टैंड तक नहीं पहुंच सकीं। जिससे रोडवेज बस चालकों और यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डिपो में मची रही अफरातफरी
आंदोलन से रोडवेज कर्मचारियों और प्राइवेट बस चालकों में भी दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। रोहतक तक यात्रियों को पहुंचाने के लिए रोडवेज कर्मचारी बस अड्डे पर आपस में भी बोले कि सोनीपत से रोहतक जाने के लिए रास्ते तो बंद हैं, लेकिन जिधर भी रोहतक जाने का रास्ता दिखाई दे जाए, वहीं से बसों को निकालकर रोहतक बस अड्डे तक यात्रियों को ले जाएं।
जाम में फंसी रही चार रोडवेज बसें
रोहतक की ओर से जाने की लिए रोहतक के गांव बोहर और सांपला में सोनीपत डिपो की बस संख्या एचआर-69बी-6104 और एचआर-69बी-9992, किलोई, रोहतक के पास दो बसें जिनमें एचआर-69बी-9988 व एचआर-69बी-6114 फंस गई। इससे रोडवेज चालकों और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसें सेवाएं तो दे रही है, लेकिन रोहतक और झज्जर की तरफ यात्रियों को ले जाने के लिए जो भी बसें मिल रही है, उनको भेजा जा रहा है।
-श्रीभगवान, स्टेशन सुपरवाइजर, बस अड्डा