पिछले पांच दिनों से आरक्षण आंदोलन के कारण बाधित हुए दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग से जाट समुदाय के लोग उठ चुके हैं। अब रेलवे ने इस रेललाइन को शुरू करने की तैयारी आरंभ कर दी है।
वहीं कर्फ्यू हटने के बाद रोडवेज बसों का बेड़ा सड़क पर उतार दिया गया। ट्रैक के कई जगह से क्षतिग्रस्त होने के चलते सेवा बाधित है। इसे बहाल करने के प्रयास में रेलवे अधिकारी जुटे हुए हैं। आंदोलन के दौरान राजलूगढ़ी, राठधाना व कई अन्य जगह रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से रेल सेवाएं शुरू नहीं हो पाई है।
रेलवे की ओर से ट्रैक का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने का काम किया जा रहा है। इसके लिए टीम बिजली के तारों के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसों का निरीक्षण कर रही है।
स्टेशन पर खड़ी गाड़ियों को किया दिल्ली की तरफ रवाना
आंदोलन के चलते कई दिनों से सोनीपत रेलवे स्टेशन पर खड़ी पश्चिम एक्स. व कोचुवेली-अमृसर एक्स. ट्रेनों को सोमवार देर रात को वापिस दिल्ली की ओर रवाना किया गया। ताकि जल्द से जल्द दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक को बाधित किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे का परिचालन न होने से सोनीपत रेलवे स्टेशन पर हर दिन 6 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। राजलूगढ़ी के पास रेलवे लाइन को दुरुस्त करने के लिए काम युद्धस्तर किया जा रहा है। बुधवार सुबह रेलवे लाइन को चालू कर दिया जाएगा।
जाट समुदाय के लोगों ने रेलवे ट्रैक को खाली कर दिया गया है। रेलवे लाइन को दुरुस्त करने का काम जारी है। बुधवार सुबह तक रेल लाइन को चालू करने का प्रयास है। विजय सिंह, स्टेशन अधीक्षक, सोनीपत