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लोकतांत्रिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा जरूरी : राजेंद्र

Mon, 15 Sep 2025 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 13: सोनीपत के गोहाना रोड स्थित बार परिसर के हाॅल में सम्मेलन को संबोधित करते वक्ता व मंचास
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सोनीपत। गोहाना रोड स्थित बार परिसर में रविवार को सेंटर फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स एंड सेक्युलरिज्म (सीपीडीआरएस) का सम्मेलन हुआ। इसकी अध्यक्षता श्रद्धानंद सोलंकी और संचालन एडवोकेट सुरेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान एडवोकेट राजेंद्र ने लोकतांत्रिक अधिकार और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा को जरूरी बताया।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने संविधान के अनुच्छेदों का उल्लेख किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिबेंदु मईती ने कहा कि सरकार नवजागरण काल से उपजे प्रगतिशील मूल्यों को नष्ट करने की दिशा में कार्य कर रही है और समाज को पीछे ले जाने की कोशिश कर रही है।
एडवोकेट राजेंद्र ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकार किसी ने खैरात में नहीं दिए बल्कि कुर्बानियों से हासिल किए गए हैं। यदि इनकी रक्षा नहीं होगी तो लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता दोनों ही खोखले सिद्ध हो जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि संगठन के बिना लोकतांत्रिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा संभव नहीं है। मजबूत संगठन का निर्माण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्राण शर्मा ने कहा कि सीपीडीआरएस की स्थापना का उद्देश्य लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा करना था। आज भी यह संगठन उसी ध्येय के साथ निरंतर सक्रिय है।
रुस्तम अली, नरदेव सहित कई अन्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष को और मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही संकल्प लिया गया कि लोकतांत्रिक अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए जनसंघर्ष को और संगठित किया जाएगा।
इसी कड़ी में सीपीडीआरएस की 13 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें वीरेंद्र सिंह दहिया, अधिवक्ता जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह, बलबीर सैनी, कपिलदेव, रुस्तम अली और प्रवीण कुमार को शामिल किया गया।
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