संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में गेहूं की आवक तेज हो गई है। किसान कंबाइन मशीन से फसल कटवाकर सोनीपत मंडी में पहुंच रहे हैं। दो दिन में मंडी में 500 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। बुधवार को करीब 50 क्विंटल गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा भाव में निजी तौर पर बिका। उस गेहूं में नमी की मात्रा 12.5 फीसदी तक थी।
गांव जाखौली से किसान रवि कुमार ढाई एकड़ की फसल लेकर पहुंचे थे। उन्हें गेहूं का दाम 2450 रुपये प्रति क्विंटल मिला। गेहूं की भराई व उठान का टेंडर न होने की वजह से खरीद एजेंसियां गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं कर पाईं। सरकार की ओर से हर साल 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने का दावा किया जाता है। प्रशासन की ओर से मंडियों में गेहूं खरीद करने के लिए तैयारियां पूरी नहीं की जाती हैं।
सोनीपत अनाज मंडी में दो दिन से गेहूं की आवक हो रही है। हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन (एचडब्ल्यूसी) और हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ (हैफेड) की ओर से गेहूं की खरीद करनी है। गेहूं में 12 फीसदी से ज्यादा नमी की वजह से खरीद शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में यहां आने वाले किसानों को मंडी परिसर में अपनी फसलों को सुखाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
चार मंडियों व 18 खरीद केंद्रों में गेहूं की सरकारी खरीद की जानी है। सरकार की ओर से गेहूं की भराई व उठान के लिए टेंडर न होने के कारण खरीद एजेंसियां गेहूं की खरीद नहीं कर पा रही हैं। गेहूं की सरकारी खरीद न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने मंडी से गेहूं उठान के लिए ट्रांसपोर्ट के ट्रक व लेबर पर नई शर्त लगाई थी। इस शर्त के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए थे। पहले उठान में देरी होने पर प्रति ट्रक 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन नई शर्त में प्रति ट्रक एक हजार रुपये जुर्माना किया था।
गेहूं की उठान व भराई का टेंडर राज्यस्तरीय कमेटी की तरफ से किया जाना है। सोनीपत मंडी में गेहूं पहुंच रहा है, लेकिन नमी ज्यादा होने की वजह से सरकारी खरीद नहीं हो रही है। किसानों से अपील की जा रही है कि वह अपनी फसल सुखाकर मंडी में लाएं।-विंशेल सहरावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक