सोनीपत। डॉ. बीआर आंबेडकर विधि विश्वविद्यालय में भारत का संविधान : भारतीय मूल्यों की अभिव्यक्ति पर अतिथि व्याख्यान कराया गया। विश्वविद्यालय के मूट कोर्ट हॉल में कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. देविंदर सिंह ने की। मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज विवेक सिंह ठाकुर रहे।
विश्वविद्यालय के संविधानिक विधि एवं परिवर्तनकारी अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि भारत विविध संस्कृतियों का संगम है। भारत का संविधान किसी विदेशी संविधान की नकल नहीं बल्कि इसके सभी 22 भागों में भारतीय संस्कृति का दर्शन होता है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि जीवन के हर चरण में सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। विधि के विद्यार्थी अपने आसपास घटित घटनाओं से सबसे अधिक सीख सकते हैं। उन्होंने नीति निर्देशक सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की प्रासंगिकता पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता प्राचीन और समृद्ध रही है। यहां राजा भी कानून के अधीन था। विद्यार्थियों से अपने अध्ययन में धर्म, मानवता, महिला सशक्तीकरण, समानता और विधि के शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कुलसचिव प्रो. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को भारतीय विधिक परंपरा की गहराई से भी परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य अतिथि के विचार विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होंगे। फिर राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस मौके पर कुलपति के ओएसडी ललित कुमार, निजी सचिव राजेश कुमार, डॉ. बलविंद्र कौर, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मधुकर शर्मा, डॉ. अमित गुलेरिया, डॉ. कुलवंत, डॉ. सुंदर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।