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Sonipat News: लाडो को लक्ष्मी दिलाने में बाधक बने अधूरे दस्तावेज

Sun, 26 Oct 2025 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 05: सोनीपत के गांव टांडा में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं का पंजीकरण क
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सोनीपत। जिले में 70 फीसदी से ज्यादा महिलाओं के दस्तावेज अधूरे होने की वजह से उनका दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से संबंधित ग्राम सचिव व पटवारी भी पंजीकरण के लिए महिलाओं को दस्तावेज पूरे कराने की सलाह दे रहे हैं।
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मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के आदेश के बाद ग्राम सचिव व पटवारी अपने-अपने निर्धारित केंद्र पर पहुंचे मगर महिलाओं के पास दस्तावेज अधूरे होने के कारण योजना के तहत कम संख्या में पंजीकरण हो पाया।
मुख्यालय से प्राप्त डाटा के अनुसार योजना के तहत जिले में 44,533 महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं। योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 23 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। कम से कम 15 वर्ष से हरियाणा की निवासी होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार की आय एक लाख रुपये वार्षिक होनी चाहिए।
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प्रशासन की ओर से निर्धारित की गई ड्यूटी पर ग्राम सचिव व पटवारी पहुंचे। वहां पर उन्होंने सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार महिलाओं से संपर्क करने शुरू कर दिया। अधिकतर महिलाओं के पास दस्तावेज की कमी होने के कारण पंजीकरण नहीं हो पाया। महिलाओं को दस्तावेज पूरे करने की सलाह दी गई।
दस्तावेज में यह है कमियां
70 फीसदी से ज्यादा महिलाओं के पास रिहायशी प्रमाणपत्र नहीं हैं। अगर महिला के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है तो उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। साथ ही आधार नंबर और बैंक खाता में महिला के नाम में मिलान नहीं हो रहा जिसकी वजह से योजना के तहत पंजीकरण नहीं हो रहा है। प्रशासन के मुताबिक अब तक करीब 5,000 महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।
योजना के तहत ऐसे होगा आवेदन
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए स्वयं, पटवारी या ग्राम सहायक से आवेदन करा सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। एप पर मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी डालकर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पंजीकरण के लिए छह चरणों को पूरा करना होगा। सबसे पहले महिला का रिहायशी प्रमाणपत्र या उसके पति का रिहायशी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। उसके बाद महिला का आधार नंबर, पति, ससुर, सास, माता, पिता का आधार नंबर अनिवार्य होना चाहिए। अगर किसी महिला के माता-पिता या सास-ससुर की मौत हुई है तो उनकी मृत्यु तिथि होनी चाहिए। उसके बाद परिवार के सदस्यों की संख्या दर्ज करनी होगी। परिवार की वार्षिक आय दर्ज होनी चाहिए। फिर बैंक खाता नंबर, बैंक का नाम, उसका भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता (आईएफएससी) नंबर भी होना चाहिए। उसके बाद महिला का फोटो भी लिया जाएगा। उसके बाद महिला का पंजीकरण हो सकेगा।
70 फीसदी महिलाओं के पास दस्तावेज अधूरे होने के कारण पंजीकरण कम हो पाया है। करीब 5,000 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है जबकि 1 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार से संबंध रखने वाली पात्र महिलाओं की संख्या 44,533 है। -प्रवीन मेहता, जिला प्रबंधक, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड)।
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