कैंसर दिवस के मौके पर आईसीयू में पहली बार शुरू होनी थी कीमोथैरेपी
पिछले साल केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में की थी डीसीसीएस शुरू करने की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में डे केयर कैंसर सेंटर (डीसीसीएस) की तैयारियां धरी की धरी रह गई। बुधवार को कैंसर दिवस पर सर्जिकल वार्ड में पहली बार कीमोथैरेपी के लिए डीसीसीएस की शुरुआत होनी थी। मुख्यमंत्री को वर्चुअली उद्घाटन करना था लेकिन प्रशासनिक कारणों से कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया था। 1 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश आम बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर खोलने की घोषणा की थी।
स्वास्थ्य विभाग ने रोहतक पीजीआई के साथ अनुबंध भी कर लिया है। अनुबंध के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
नवंबर में हुई थी जिला अस्पताल में आईसीयू की शुरुआत
जिला अस्पताल में अत्याधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोग काफी समय से विभाग के अधिकारियों से आईसीयू शुरू करने की मांग कर रहे थे। आईसीयू के अभाव में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए ज्यादातर रोहतक पीजीआईएमएस भेजना पड़ता था। नवंबर 2025 में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में छह बेड के आईसीयू की शुरुआत की थी। 1 दिसंबर से आठ-आठ घंटे का रोस्टर लागू कर रखा है।
पीजीआई रोहतक से आई कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुधीर अत्री व डॉ. अभिषेक सोनी ने मंगलवार को जिला अस्पताल में शुरू किए जाने वाले डे केयर कैंसर सेंटर का जायजा लिया था। पीजीआई में दो माह का प्रशिक्षण ले चुके डॉ. संदीप शर्मा की ओर से कैंसर रोगियों की कीमोथैरेपी की जानी है।
कीमोथैरेपी के लिए जरूरी दवाएं भी उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन सेंटर का उद्घाटन नहीं हो सका। अभी यहां के कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी कराने पीजीआईएमएस रोहतक, झज्जर के बाढ़सा स्थित एम्स और दिल्ली जाना पड़ रहा है।
वर्जन
जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में शुरू होने वाले डे केयर कैंसर सेंटर का उद्घाटन प्रशासनिक कारणों की वजह से टल गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इस सेंटर की शुरुआत की जाएगी। -डॉ. स्वराज चौधरी, उप सिविल सर्जन