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झुलसाती गर्मी में बिजली कटों ने बढ़ाई परेशानी

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सोनीपत। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी के साथ ही जिले मेें बिजली संकट गहराता जा रहा है। घोषित-अघोषित कटों ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में दिन भर में कुछ घंटे ही बिजली मिल रही है। घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। जिससे लोगों का जीना दूभर होता जा रहा है। बिजली कटों के कारण लोग घरों में पसीने से तर-बतर हो जा रहे हैं। लोगों को न घर में चैन है और न बाहर आराम। शनिवार को भी लोग गर्मी से निजात पाने के लिए भटकते रहे।
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प्रदेश में इन दिनों बिजली का संकट बना हुआ है। बिजली निगम द्वारा जिले में बनाए गए बिजली शेड्यूल के अनुसार शहरी क्षेत्र में साढ़े छह घंटे और औद्योगिक क्षेत्र में आठ घंटे के बिजली कट घोषित है। लोगों का कहना है कि इन दिनों शहरी क्षेत्र में 8 से 10 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 15 घंटे के कट लग रहे हैं। हालात ये हैं कि दिन में बिजली कुछ समय रहती है, फिर कई घंटे के लिए चली जाती है। दिन ही नहीं रात को भी बिजली कटों का सिलसिला जारी रहता है। जिससे न दिन में चैन मिल पाता है और ना ही रात को आराम।
वहीं शहर में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। बिजली की तरह पेयजल आपूर्ति का कोई शेड्यूल नहीं है। समय पर पेयजल आपूर्ति के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और नगर निगम गंभीर नजर नहीं आ रहे। एचएसवीपी के वाटर वर्क्स में जेनरेटर लगे हुए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है। नगर निगम के वाटर वर्क्स और ट्यूबवेल पर जेनरेटर लगाने की फाइल आगे नहीं बढ़ रही। पेयजल आपूर्ति को लेकर लोग जब भी अधिकारियों व कर्मचारियों से बात की जाती है तो वे बिजली नहीं होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं बिजली संकट ने उद्योगपतियों की परेशानी को भी बढ़ा दिया है। कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता का कहना है कि उद्योगों में आठ घंटे के घोषित कटों के साथ ही अघोषित कटों की भी भरमार है। रात 8 से सुबह 4 बजे तक का घोषित कट है, लेकिन उसके बाद भी बिजली नहीं आती। वर्तमान में जेनरेटर के सहारे उद्योग चलाने पड़ रहे हैं। डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में वे कब तक फैक्टरी चला पाएंगे। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण फैक्टरी चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति कोरोना संकट के बाद से अब तक उबर नहीं पाए हैं, अब बिजली संकट ने मुसीबत बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अगर बिजली निगम के अधिकारी पहले बता दें कि कब से कब तक बिजली कट रहेगा तो वे भी अपनी योजना बना लें। बिजली न आने से कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं। ऐसे में उद्योगपतियों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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इंसेट
ब्रेकडाउन से पांच घंटे गुल रही बिजली
कुंडली में शनिवार सुबह 10 बजे ब्रेकडाउन हो गया। काफी देर तक बिजली न आने पर लोग बिजली निगम कार्यालय में फोन करने लगे। निगम कार्यालय में दिन भर फोन की घंटियां बजती रहीं। फोन पर बिजली जल्द आने के आश्वासन तो मिले, लेकिन बिजली नहीं आई। कुंडली क्षेत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक पांच घंटे का ब्रेकडाउन रहा। वहीं गांधी चौक, सेक्टर-14, दिल्ली रोड, हेमनगर सहित अन्य क्षेत्रों में भी 12 से दोपहर दो बजे तक अघोषित कट रहा। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य के चलते ही बिजली आपूर्ति बंद की गई थी। कार्य पूर्ण होते ही आपूर्ति शुरू कर दी गई थी।
इंसेट
43 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान
जिले में भीषण गर्मी का सितम जारी है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी दिनों में तापमान बढ़ेगा। हालांकि मौसम विभाग ने तीन मई को धूल भरी आंधी चलने और इसके बाद मौसम में कुछ परिवर्तन की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली के कट लोगों का पसीना निकाल रहे हैं।
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