सोनीपत। गुड़ मंडी स्थित अग्रवाल धर्मशाला में श्री चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को छठे दिन श्रील भक्ति प्रसाद विष्णु गोस्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया।
कथा व्यास ने बताया कि भगवान राधा रमन राम की भूमिका में सिंहासन पर विराजमान थे जबकि भक्तगण लखन लाल की भूमिका में उपस्थित थे। कथा व्यास गोस्वामी महाराज ने सनातन धर्म की महत्वपूर्ण शिक्षाएं दीं।
उन्होंने कहा कि एक सनातनी को अपने जीवन में पांच प्रमुख ग्रंथों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए क्योंकि इनसे ही धर्म का सही ज्ञान प्राप्त होता है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान केवल पुकारने से मिलते हैं खोजने से नहीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के मिलने के चार मार्ग दुखी, जिज्ञासु, सनातनी और ज्ञानी बताए। इस दौरान पुनीत गर्ग, केशव गोयल, प्रदीप गोयल, अशोक गर्ग, आनंद गर्ग, घनश्याम सिंगला, गौरव गर्ग, नरेंद्र गोयल भी उपस्थित रहे।