टिकौला में यमुना में पानी के अंदर बांध बनाकर चलाई जा रही जेसीबी
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। यमुना के अंदर बांध बनाकर यूपी की ओर धार मोड़कर अवैध रूप से खनन करने के मामले में डीसी ने सख्ती दिखाई है। डीसी श्यामलाल पूनिया ने खनन करने वाली कंपनी डीएसपी एसोसिएट्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक सप्ताह पहले आदेश दिए थे। उसके बावजूद सिंचाई व खनन विभाग के अफसरों के कार्रवाई करने की जगह थोड़ा रेत हटाकर फर्जी रिपोर्ट बना दी। यह मामला सामने आने के बाद डीसी ने एसडीएम को जांच कराने के लिए कहा है। डीसी ने कहा है कि एसडीएम खुद मौके पर जाकर जांच करेंगे और वहां अवैध रूप से बनाया गया बांध तुड़वाकर खनन कंपनी के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
यमुना के अंदर गलत तरीके से रेत खनन को लेकर सीएम मनोहर लाल से लेकर खनन मंत्री मूलचंद शर्मा तक ने काफी सख्ती दिखाई थी और यमुना में नियमों का उल्लंघन करके खनन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कराई गई थी। इसके अलावा सरकार का रुपया जमा नहीं कराने वाली कंपनियों के ठेके निरस्त कर दिए गए थे। अब दोबारा से खनन शुरू किया गया है तो यमुना के अंदर सबकुछ अवैध रूप से काम शुरू कर दिया गया। टिकौला में डीएसपी एसोसिएट्स ने यमुना में अवैध रूप से बांध बना दिया। इसके अलावा यूपी की ओर खनन करके गहरे-गहरे कुंड बना दिए, जबकि इतनी गहराई तक खनन करने की अनुमति ही नहीं है। यमुना में एक सप्ताह पहले डीसी श्यामलाल पूनिया ने अवैध रूप से बांध बना हुआ देखकर एसडीएम, सिंचाई विभाग व खनन विभाग के अधिकारियों को उसे तोड़ने के आदेश दिए थे। लेकिन अधिकारियों ने उसे तोड़ने की जगह मामला दबा दिया, जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे तो सिंचाई विभाग व खनन विभाग के अधिकारी शनिवार को वहां पहुंचे और बांध से थोड़ा रेत हटवाकर फोटो खींचने के बाद खनन विभाग ने फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी। इसका खुलासा होने के बाद डीसी श्यामलाल पूनिया ने मामले को गंभीरता से लिया है।
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यमुना के अंदर टिकौला में बनाया गया अवैध बांध तोड़ने के आदेश दिए गए थे और वहां बांध को तोड़ने की जगह खानापूर्ति की गई है तो यह गंभीर मामला है। इसमें सोमवार को एसडीएम को भेजकर जांच कराई जाएगी और वहां से बांध को तुड़वाया जाएगा। इसके अलावा एसडीएम की रिपोर्ट के आधार खनन कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी