फोटो : 08 बस अड्डे की जमीन पर अवैध रूप से पार्क किए गए वाहन। संवाद
गन्नौर। पांच वर्षों से बंद पड़ा गन्नौर बस अड्डा अवैध पार्किंग और असामाजिक गतिविधियों का ठिकाना बनता जा रहा है। कभी दर्जनों बसों की आवाजाही से व्यस्त रहने वाला यह बस अड्डा अब बदहाल हो चुका है। करीब 36 साल पहले तत्कालीन परिवहन मंत्री वेद सिंह मलिक ने गन्नौर जीटी रोड पर डेढ़ एकड़ में इस बस अड्डे का निर्माण करवाया था।
इसे अब लोक निर्माण विभाग ने कंडम घोषित कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोडवेज बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है। जगह-जगह दीवारों में दरारें आ गई हैं। छत भी कंडम हो चुकी है। साफ-सफाई न होने से पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा है।
खाली पड़े परिसर का फायदा उठाकर लोग यहां धड़ल्ले से अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। रात के समय बस अड्डा असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है। बस अड्डे पर रात के समय नशेड़ी नशा करने के लिए पहुंच जाते हैं।
दैनिक यात्रियों को परेशानी
गन्नौर जीटी रोड से प्रतिदिन करीब 200-300 यात्रियों का रोडवेज में आना-जाना होता है। बस स्टैंड बंद होने के कारण अभी वर्तमान में उन्हें गन्नौर अड्डे पर सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। यहां पर बस क्यू शेल्टर भी नहीं बने हैं जिससे यात्रियों को बारिश, गर्मी व ठंड में खुले आसमान के तले खड़े रहना पड़ता है। कई बार बसें बिना रुके ही आगे निकल जाती हैं जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
बस अड्डे को नए सिरे से तैयार करने की है योजना
स्थानीय विधायक देवेंद्र कादियान ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था। अब इसके नवीनीकरण की योजना पर काम चल रहा है। नई योजना के तहत नवीनीकरण के बाद यहां 2 के स्थान पर 10 बस स्टॉप बनाए जाने हैं। बस अड्डे में बस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दुकानें, प्रशासनिक भवन, शौचालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। भविष्य में यहां इलेक्ट्रिक बसों का ठहराव भी होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां चार्जिंग प्वाइंट भी बनाए जाने की योजना है। लोगों ने विधायक से नए सिरे से प्रस्तावित बस अड्डे का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की है।