रोहतक/सांपला। प्रदेश में 40 प्रतिशत किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं। सरकार स्पेशल गिरदावरी करवाकर उनको 60 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे। अगर समय रहते सरकार ने कदम उठाए होते तो खेतों में पानी नहीं भरता। सरकार ने ड्रेनों की सफाई तक नहीं करवाई।
ये बातें शनिवार को गढ़ी सांपला-किलोई हलके के गांव पाकस्मा में खेतों में हुए जलभराव का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग पहले ही अंदेशा जता चुका था कि इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश होगी मगर प्रदेश सरकार ने बाढ़ से बचाव के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि शहर में सीवर साफ नहीं तो ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रेनों की सफाई नहीं कराई गई। कहीं जल निकासी के लिए पंप सेट नहीं तो कहीं डीजल तक उपलब्ध नहीं है। हुड्डा ने कहा कि जलभराव की वजह से आगे गेहूं बिजाई की उम्मीद कम नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। फरीदाबाद नगर निगम में बड़ा घोटाला सामने आया है। रोहतक निगम में अमृत घोटाला सामने आया था। कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। विधानसभा में कानून व्यवस्था के सवाल पर सरकार कोई जवाब नहीं दे सकी।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री कसरेंटी, मोरखेड़ी, समचाना,अटायल, दतौड़ व सांपला क्षेत्र के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनीं। उनके साथ पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी, चक्रवर्ती शर्मा व अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।