खरखौदा। हरियाणा दिवस पर सरकार की ओर से नए जिलों की घोषणा की संभावना को देखते हुए खरखौदा क्षेत्र में चिंता की लकीरें गहरा गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को खरखौदा संघर्ष कमेटी की बैठक जागृति स्थल, खरखौदा में शेर सिंह पीपली की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने गोहाना को नया जिला घोषित किया और उसमें खरखौदा को शामिल करने की कोशिश की, तो क्षेत्रवासी इसका पुरजोर विरोध करेंगे। बैठक में तय किया गया कि संघर्ष कमेटी 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक उपमंडल कार्यालय के बाहर तीन दिन का सांकेतिक धरना देगी।
कमेटी के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि खरखौदा का इतिहास, भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक पहचान और प्रशासनिक महत्व अलग जिला बनने की पूरी पात्रता रखते हैं। ऐसे में किसी भी परिस्थिति में खरखौदा को गोहाना जिले का हिस्सा बनाना स्वीकार्य नहीं होगा। संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने कहा कि खरखौदा का विकास तभी संभव है जब इसे स्वतंत्र जिला का दर्जा मिले।
अगर ऐसा नहीं किया जा रहा है तो फिर खरखौदा को भावी गोहाना जिले का हिस्सा भी नहीं बनने दिया जाएगा। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार ने क्षेत्र की भावनाओं की अनदेखी की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। खरखौदा की जनता किसी भी कीमत पर गोहाना जिले का हिस्सा नहीं बनेगी और अपनी पहचान बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
प्रदेश सरकार की तरफ से एक नवंबर हरियाणा दिवस के अवसर पर गोहाना, डबवाली या हांसी में से एक को नया जिला बनाने की घोषणा करने की बात कही है, ऐसे में अगर गोहाना जिला बनता है और उसमें खरखौदा को सोनीपत से अलग कर गोहाना का हिस्सा बनाया जाता है तो उस स्थिति में खरखौदा हलका आपत्ति जताएगा।
खुद हलका विधायक पवन खरखौदा भावी गोहाना जिले में हलके को शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं। बैठक में जय सिंह रोहणा, हंसराज, जगबीर, राजकुमार, संदीप, रामकुंवार, मोहित, विनोद, प्रेम उर्फ लीला, रोहताश व विकेश आदि मौजूद रहे।