फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्योगपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो किसान का क्यों नहीं : भाकियू

Fri, 30 Jan 2026 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
गोहाना के नई अनाज मंडी स्थित किसान रेस्ट हाउस में वर्ग के हित की बात रखते किसान यूनियन के नेता
विज्ञापन
गोहाना। नई अनाज मंडी स्थित किसान रेस्ट हाउस में वीरवार को भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवार किया कि जब उद्योगपतियों का कई हजार करोड़ का कर्ज माफ हो सकता है, राजनेताओं या नौकरी पेशा लोगों को फ्री इलाज मिल सकता है तो किसानों को क्यों नहीं?
विज्ञापन

2 फरवरी को इन्हीं मुद्दों को लेकर सोनीपत के उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे। प्रेसवार्ता में भाकियू प्रधान सत्यवान, गोहना तहसील इकाई के चेयरमैन भगत सिंह, मुंडलाना ब्लॉक अध्यक्ष बिजेंद्र दलाल, कथूरा ब्लॉक महासचिव बिजेंद्र मलिक मदीना उपस्थित रहे।
किसान नेताओं ने बताया कि धान न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपये था लेकिन यह 2050 रुपये प्रति क्विंटल बिका। किसान के खाते में 2389 रुपये आए, बाकी पैसा आढ़तियों ने वापस लेकर धान उठाया।
विज्ञापन

कर्ज मुक्ति के मसले पर किसान नेता सत्यवान और अन्य ने कहा कि पिछले 10 साल में उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ माफ हुए। जब इनका कर्ज माफ हो सकता है तो फिर किसानों का क्यों नहीं? इसी तरह मुफ्त या सस्ते इलाज के मुद्दे पर भी सवाल उठाया।
आयात कर हटाने को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि इससे किसान की फसल का रेट कम हो जाएा। उन्होंने एलान किया इन सभी मुद्दाें को लेकर उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। 23 मार्च को सरदार भगत सिंह के शहीदी दिवस पर उत्तर भारत में किसान क्रांति रैली की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें