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पार्षदों ने निगम अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोला तो सीवर सफाई के लिए तीन मशीनें लगाईँ

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शहर के आदर्श नगर में सीवर खोलने के पहुंचे निगम के ठेकाकर्मी। संवाद - फोटो : Sonipat
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नगर निगम के अधिकारी अपने खिलाफ हंगामा होने के बाद ही हरकत में आते हैं। हंगामे के बाद ही समस्या का समाधान कराने के लिए कदम उठाया जाता है। शहर में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। सीवर ओवरफ्लो होने से रास्तों में जमा दूषित पानी की समस्या का लगातार शिकायत के बावजूद अधिकारी समाधान नहीं कर रहे थे, लेकिन जब पार्षदों ने एक दिन पहले निगम अफसरों के खिलाफ हंगामा करते हुए मोर्चा खोला तो सीवर सफाई कराने के लिए तीन मशीनों को लगा दिया गया। अब शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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वहीं निगम के अधिकारियों ने कहा कि ड्रेन को पक्का करने के कार्य जारी हैं। ऐसे में ड्रेन में जाने वाली सीवर लाइन को बंद कर रखा है। जब तक ड्रेन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक अस्थायी समाधान के लिए मशीनों से सफाई कराने का काम जारी रहेगा।
शहर के जनता कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, कबीरपुर, साईंपुरम, सिक्का कॉलोनी, खन्ना कॉलोनी, आदर्श नगर, तारा नगर, कालूपुर, वेस्ट रामनगर, आर्य नगर, विशाल नगर, मोहन नगर, जनता कॉलोनी, शिव कॉलोनी, हनुमान नगर में सबसे ज्यादा सीवर समस्याएं हैं। इन कॉलोनियों में दूषित पानी की निकासी नहीं होने के कारण वहां रह रहे करीब एक लाख से ज्यादा लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। पिछले कई साल से वह इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इन कॉलोनियों के लोगों के विधायक व नगर निगम अधिकारियों से अनेक बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
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शहर से बाहर डेयरी शिफ्ट नहीं होने से बनी सीवर समस्या
20 साल से शहर की डेयरियों की शिफ्टिंग की योजना अधर में लटकी हुई है, जिससे शहर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरसाना व देवडू में लाखों रुपये की लागत से बने डेयरी कॉम्प्लेक्स में एक भी डेयरी को शिफ्ट नहीं किया जा सका है। दोनों कॉम्प्लेक्स में गैस प्लांट, सीवर लाइन, बिजली, पानी एवं सड़क बनाने का काम किया जा चुका है। शहर के रिहायशी क्षेत्र में चल रही डेयरियों को लेकर नगर निगम की ओर से सर्वे पूरा किया जा चुका है। शहर में रिहायशी क्षेत्र में डेयरियों की संख्या 220 है। इसके अतिरिक्त घरों में चार से पांच भैंस रखने वाले पशुपालकों की संख्या तीन हजार से अधिक हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते सीवर ओवरफ्लो से लोग परेशान है।
निगम अफसरों के खिलाफ पार्षदों ने एक दिन पहले खोला था मोर्चा
नगर निगम कार्यालय में पक्के सफाई कर्मियों की कमी होने के बावजूद अफसरों व नेताओं के घरों पर उनकी तैनाती है। वहीं शहर में करोड़ों रुपये का सफाई का ठेका भी दिया हुआ है। लेकिन ठेकेदार के पास सीवर सफाई के लिए पूरे संसाधन तक नहीं है। साथ ही शहर की अधिकतर कालोनियों में सीवर लाइन छोटी होने के कारण वह ब्लॉक होने से दूषित पानी सड़कों पर जमा रहता है। ऐसे में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवर समस्या का समाधान नहीं होने के कारण वार्ड के लोगों की नाराजगी झेल रहे पार्षदों ने वीरवार को निगम कार्यालय में जाकर निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने शुक्रवार से ठेकेदार के माध्यम से कालोनियों में तीन मशीन लगवाई। ताकि लोगों को सीवर समस्या से राहत मिल सके।
ड्रेन नंबर छह में जाने वाली सभी सीवर लाइनों को बंद कर रखा है। ऐसे में कॉलोनियों के दूषित पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्रेन को पक्का करने में अभी एक वर्ष का समय लगना है, तब तक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में तीन मशीनों को सीवर सफाई के लिए कालोनियों में भेजी जा रही है। जल्द ही इन मशीनों में बढ़ोतरी कर दी जाएगी। -जसवंत सिंह, एक्सईएन, नगर निगम सोनीपत।

शहर के चिंतपूर्णी कॉलोनी में सीवर सफाई के लिए पहुंची मशीन।- फोटो : Sonipat

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