सोनीपत। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत रिफंड को लेकर मैन्युफैक्चरिंग कारोबारियों में सरकार की नीति के प्रति असंतोष है। सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी-2.0 लागू करते हुए 90 प्रतिशत रिफंड आवेदन के 7 दिन के भीतर किए जाने की घोषणा की थी। हरियाणा कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन का कहना है कि यह घोषणा धरातल पर उतरी ही नहीं। महीनों से उनको झांसे में रखा गया।
अधिकारी अपनी सुविधा से कर रहे रिफंड
इस प्रावधान को बजट में शामिल करने की बात जरूर कही गई है लेकिन नोटिफिकेशन की औपचारिकता पूरी होने तक नियम लागू नहीं माना जाएगा। उद्यमियों को बताया गया कि 7 दिन में प्रोविजनल रिफंड मिलेगा जबकि अधिकारी अपनी सुविधा से रिफंड कर रहे थे। कानूनी तौर पर विभाग के पास 60 दिन का समय होता है। उसी के भीतर 5, 10 या कभी-कभी पूरे 60 दिन में रिफंड आ रहा है। - सन्नी जैन, अध्यक्ष, हरियाणा कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।
कई महीने से उद्यमियों को भ्रमित किया जा रहा
कई महीने से उद्यमियों को भ्रमित किया जा रहा है। हमें विश्वास दिलाया जा रहा था कि इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में 90 प्रतिशत रिफंड आवेदन के 7 दिन के भीतर मिल जाएगा लेकिन अभी हफ्तेभर पहले केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में घोषणा की कि इसका नोटिफिकेशन जल्द ही किया जाएगा। हालांकि, सरकार को पहले से ही पारदर्शिता बरतनी चाहिए। -राव सलीम, सचिव अध्यक्ष, हरियाणा कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।
आधी-अधूरी घोषणाओं पर भरोसा न करें
उद्योग जगत खबरों को सुनकर ही बड़ा लाभ मिलने की बात मान लेता है। जमीनी हकीकत यह है कि इससे कार्यशील पूंजी पर भारी दबाव पड़ता है। छोटे-मध्यम उद्योग आर्थिक रूप से कमजोर होते जाते हैं। सरकार को इस तरह का धोखा नहीं करना चाहिए। हमारे वर्ग के लोगों को भी समझना होगा कि ऐसे ही आधी-अधूरी घोषणाओं पर भरोसा न करें। - संजय कथूरिया, कारोबारी
उद्योगों को भाषणों से नहीं स्पष्ट नियमों से राहत मिलेगी
उद्योग को भाषणों से नहीं बल्कि स्पष्ट नियमों और समयबद्ध क्रियान्वयन से राहत मिलती है। जब तक घोषणाएं कागज से जमीन पर नहीं उतरेंगी तब तक एमएसएमई सेक्टर को वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा। सबका साथ-सबका विकास कह देना ही काफी नहीं है। सरकार को उद्योगों के विकास के लिए सकारात्मक और पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए। -अंकुर मित्तल, कारोबारी
घोषणा होती है पर लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं होती
सरकार कई बार ऐसी घोषणाएं कर देती है जिनके लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं होती। बहुत सी घोषणाएं तो हमारे सेक्टर पर लागू ही नहीं होती हैं। ऐसी घोषणाओं का क्या फायदा जो काम को तरक्की की राह पर ले जाने के बजाय झूठी आस ही देती रहे। अफसरशाही को भी तय समय सीमा के आखिर में ही रिफंड क्यों देना है? रिफंड जितना जल्दी हो सकेगा उतना ही यह पैसा आगे की आयात-निर्यात या कर्मचारियों के कल्याण पर होने वाले खर्च में मददगार साबित होगा। -रविंद्र मलिक
सरकार पारदर्शी जानकारी जारी करे ताकि भ्रम दूर हो
पता चला कि इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत उद्योगों को रिफंड का प्रावधान अभी तक हमारे सेक्टर पर लागू ही नहीं हुआ था। तेज रिफंड की सुविधा अब तक केवल निर्यातकों के लिए लागू थी। घरेलू निर्माताओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा था। सरकार किसी भी कर या रिफंड से जुड़ी घोषणा के साथ स्पष्ट प्रभावी तिथि और पारदर्शी जानकारी जारी करे ताकि भ्रम और वित्तीय अनिश्चितता पैदा न हो। -अजय जैन, कारोबारी
अंकुर मित्तल
अंकुर मित्तल
अंकुर मित्तल
अंकुर मित्तल
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