सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.प्रमिंद्र कौर की अदालत दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए मामले में आरोपी पति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को सात साल कैद कीइ सजा सुनाई है
विदित रहे कि 12 अक्तूबर, 2016 को गांव पलड़ा में विवाहिता प्रियंका का शव संदिग्ध अवस्था में फंदे पर लटका मिला था। विवाहिता के भाई गांव तेवड़ी निवासी सोनू ने उसकी बहन की दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। सोनू ने पुलिस को बताया था कि उसकी बहन की शादी 10 मार्च, 2016 को गांव पलड़ा के साथ हरपाल के साथ हुई थी। सोनू ने बताया था कि प्रियंका के साथ ही उनकी बड़ी बहन रीना की शादी भी हरपाल के भाई सतपाल के साथ हुई थी। उसने बताया था कि शादी के बाद से हरपाल व उसके परिजन उसकी बहन प्रियंका को दहेज के लिए मांग को लेकर तंग करने लगे थे। उसकी बहन से अंगूठी व बाइक की मांग की जाती थी। सोनू ने बताया था कि उसकी बहन ने घटना से दो दिन पहले 10 अक्तूबर, 2016 को ही उसे बताया था कि उसकी जान को खतरा है। उसने एक चिट्ठी भी दी थी जिसमें उसने लिखा था कि उसे कुछ होने पर उसकी मौत का जिम्मेदार पति हरपाल व अन्य होंगे। सोनू ने बताया था कि उसने ससुराल पक्ष के लोगों को दहेज की यह मांग पूरी करने के लिए समय मांगा था। कहा था कि दिवाली के बाद घर बेचकर बाइक अंगूठी भी दे देगा। उसके बावजूद आरोपियों ने उसकी बहन की दहेज के लिए हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में पति हरपाल व अन्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ.प्रमिंद्र कौर की अदालत ने हरपाल को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है।