गांव रोहणा में बुधवार को एक पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद उस समय बढ़ गया जब विवाहिता मायके से अपने सुसराल आ पहुंची और उसके पति ने उसे कुछ ओर समय देने को कहा।
विवाहिता भी अपनी ससुराल के बाहर बैठ गई। ग्रामीणों ने विवाहिता के साथ ही उसके पति व ससुराल पक्ष को समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आखिरकार पुलिस महिला थाना प्रभारी प्रमिला को ही बीचबचाव कर मामला सुलझाना पड़ा।
रोहणा गांव के एक युवक की शादी गांव भदाना झज्जर निवासी एक युवती से कुछ महीने पहले हुई थी। दोनों में मनमुटाव के चलते मामला झज्जर थाने पहुंच गया। युवती कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। बुधवार को दोनों पक्षों के लोगों ने झज्जर थाने में पहुंचकर फैसला कर लिया और विवाद को सुलझाने की बात कही। जिस पर युवती शाम को अपने परिजनों के साथ रोहणा गांव में आ गई।
जब विवाहिता के परिजन लौट गए तो उसके पति ने दोनों के संबंधों को पहले जैसा किए जाने के लिए कुछ समय देने की बात कही। जिस पर विवाहिता ने कहा कि यह उसका ससुराल है और वह अब अपने मायके से यहां पर आ गई। ऐसे में अब वापस जाना उसके लिए मुनासिब नहीं है।
जबकि उसका पति कुछ समय देने की बात पर अडिग था। ऐसे में विवाहिता ने घर के बाहर ही बैठकर इंतजार करने का मन बना लिया। परिवार के सदस्यों के साथ ही ग्रामीणों ने भी पति-पत्नी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। ऐसे में शाम से देर रात हो गई, लेकिन दोनों में से कोई भी मानने को राजी नहीं हुआ। जिसके बाद परिजनों द्वारा मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
मौके पर खरखौदा थाना प्रभारी नर सिंह व महिला सैल इंचार्ज प्रमिला पहुंचे जिन्होंने पति-पत्नी को समझाया तब जाकर मामला सुलझ पाया।