सोनीपत। शहर के सेक्टर-15 स्थित शिव मुक्तिधाम की प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने रविवार को सवा सौ लोगों की अस्थियों का सामूहिक विसर्जन धार्मिक विधान से किया। यह अस्थियां कोरोना संक्रमण के चलते मुक्तिधाम के लॉकर में रखी हुई थी। कोरोना संक्रमण से मौत होने के चलते बहुत से परिवार अपनों की अस्थियां लेने ही नहीं आए। वहीं लावारिस और बेसहारा लोगों का अंतिम संस्कार करने के बाद अस्थियों को लॉकर में रखा गया था।
शिव मुक्तिधाम प्रबंध समिति हर साल लावारिस और बेसहारा लोगों की अस्थियों का विसर्जन व समस्त धार्मिक अनुष्ठान अपने स्तर पर करती है। ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार भी समिति की ओर से सीएनजी शवदाह गृह में किया जाता है। समिति के सदस्य साल में दो बार हरिद्वार जाकर अस्थियों का विसर्जन करते हैं। दो साल से इस अभियान में कोरोना से मरने वालों की अस्थियां भी शामिल की गई है। कोरोना संक्रमण के डर से बहुत से परिवार अपनों के अस्थियां लेने नहीं आए। ऐसे में शमशान स्थल के सेवादारों ने उन अस्थियों को अंतिम संस्कार के पंजीकरण नंबर के आधार पर लॉकर में रख दिया था। सामान्य रूप से अंतिम संस्कार के तीसरे दिन अस्थियों उठाने का प्रावधान है, लेकिन लोगों के नहीं आने पर उनको फोन पर सूचना दी जाती है।
प्रबंध समिति के पदाधिकारी नरेंद्र भुटानी ने बताया कि बहुत से परिवार अस्थियों को लेने नहीं आते हैं। कोरोना से होने वाली मौत के बाद यह ग्राफ बढ़ गया है। लोग संक्रमण के डर से अस्थियों को उठाने नहीं आए। ऐसे में समिति की तरफ से ही उन अस्थियों को उठाया गया। हर बार छह महीने में 40-50 मृतकों के दाह संस्कार के बाद अस्थियों को लेकर समिति सदस्य हरिद्वार जाते थे। अब उनकी संख्या ज्यादा हो गई है। लॉकर भर जाने पर अब तीन-चार महीने में हरिद्वार जाना पड़ रहा है। रविवार को करीब सवा सौ शवों की अस्थियों को हरिद्वार ले गए।
मुक्तिधाम प्रबंधन समिति के प्रवक्ता डॉ. डीएल मल्होत्रा ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे समिति पदाधिकारी हरिद्वार पहुंच गए थे। वहां पर 12 बजे अस्थियों का विसर्जन गंगा में किया गया। उसके बाद विधिपूर्वक शांतियज्ञ कराया गया। फिर सभी के लिए सामूहिक रूप से श्राद्ध व तर्पण किया गया। समिति की तरफ से ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया गया। अंत में गंगा तट पर सभी की मुक्ति की प्रार्थना की गई।