सोनीपत। निजी अस्पतालों में किस तरह से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका बड़ा नजारा हरियाणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में अफसरों के निरीक्षण में मिला। अस्पताल में कोरोना व सामान्य मरीजों को एक साथ भर्ती किया जा रहा था तो कोरोना के मरीज भी स्वीकृत बेड से ज्यादा पर भर्ती किए जा रहे थे। डीसी ने शिकायत मिलने पर अपने स्तर से निरीक्षण कराया तो इसका खुलासा हो गया है। इस पूरे मामले में सीएमओ की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है जो निजी अस्पतालों का निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं। डीसी श्यामलाल पूनिया ने लापरवाही करने पर सीएमओ से नाराजगी जताई है तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे कोविड सूची से बाहर कर दिया गया है।
कोरोना का कहर जब ज्यादा बढ़ने लगा तो मरीजों को उपचार दिलाने के लिए प्रशासन ने कई निजी अस्पतालों को इसकी मंजूरी दी गई थी। लेकिन तभी से निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने में भेदभाव किए जाने व मरीजों के उपचार में मनमानी के आरोप लग रहे हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा आरोप हरियाणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर लग रहे थे और वहां डीसी श्यामलाल पूनिया के निरीक्षण करने में काफी खामियां मिली थीं। हरियाणा अस्पताल में अब दोबारा से काफी खामियां होने की शिकायत डीसी को मिली थी, जिसपर डीसी ने अस्पताल का दो दिन पहले ही औचक निरीक्षण कराया था। जिसमें अस्पताल के अंदर जिस तरह से खेल चल रहा था, उसका खुलासा हुआ है। वहां कोरोना व सामान्य मरीजों को एक साथ भर्ती किया गया था। इसके अलावा प्रशासन से कोरोना मरीजों के लिए जितने बेड स्वीकृत किए गए थे, उनसे ज्यादा पर मरीज को भर्ती किया गया था। इस तरह सामान्य मरीजों की जिंदगी दांव पर लग रही थी, जिसको डीसी श्यामलाल पूनिया ने काफी गंभीर माना है। इसलिए ही डीसी श्यामलाल पूनिया ने आदेश दिए कि अस्पताल में अब कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा और वहां केवल सामान्य मरीजों का उपचार होगा।
सीएमओ भी हुए लापरवाह, डीसी ने जताई नाराजगी
निजी अस्पतालों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सीएमओ की होती है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से पूरा नहीं कर रहे हैं। यह खुद डीसी श्यामलाल पूनिया ने उनको भेजे पत्र में लिखा है कि अस्पतालों के निरीक्षण में चूक व लापरवाही कर रहे है जो किसी भी तरह से सही नहीं है। इसको लेकर ही डीसी श्यामलाल पूनिया ने सीएमओ से नाराजगी जताई है।
वर्जन
हरियाणा अस्पताल में जब मैंने निरीक्षण किया था तो वहां काफी खामियां मिली थीं। उनको ठीक करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब दोबारा निरीक्षण कराया गया तो वहां कोरोना व सामान्य मरीजों को एक साथ रखा गया था। इसके अलावा स्वीकृत से ज्यादा बेड पर कोरोना मरीज भर्ती थे। इसलिए ही उसको कोरोना अस्पतालों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी