सोनीपत। गांव ककरोई में बीपीएल परिवारों को वर्ष 2007 में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत अपना आशियाना बनाने के लिए प्लॉट आवंटित किए गए थे मगर आज भी अधिकतर परिवार किराये के मकान में रहने के लिए मजबूर हैं।
यह प्लॉट निचले क्षेत्र में काटे गए हैं। पानी निकासी के अभाव में हर वर्ष मानसून में इन प्लॉटों में कई फीट पानी भर जाता है। मामले में आज तक न तो ग्राम पंचायत ने कोई सुध ली न ही प्रशासन दो कदम चल पाया है।
ग्रामीणों ने सोमवार को नागरिक अधिकार मंच के नेतृत्व में लघु सचिवालय पर रोष जताकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया। मंच के सदस्य अधिवक्ता श्रद्धानंद सोलंकी, सिलकराम मलिक के साथ ग्रामीण जयपाल, सावित्री, अनीता, बीरमति, अंग्रेजो, पूनम, निर्मला, ममता, शीला ने आरोप लगाया कि 223 बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट दिए गए थे।
प्लॉट निचली जगह पर हैं। उनमें पानी निकासी, पेयजल, गलियों का निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पोल भी गलत तरीके से लगाए गए हैं। ऐसे में वे किराये के मकान में रहने के लिए मजबूर हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायत दे चुके हैं, मगर आज तक कोई सुधर नहीं हो पाया है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बीडीपीओ व पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता को जल्द बजट तैयार कर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। साथ ही सड़कें पक्की बनवाने के निर्देश दिए।