सोनीपत। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने में ही मस्त हैं, वहीं कुछ विरले ऐसे भी हैं जो विदेश में रहकर भी न सिर्फ अपनी धरती से जुड़े हुए हैं, बल्कि लोगों को आगे बढ़ाने और सहयोग करने में हमेशा तत्पर रहते हैं। प्रवासी भारतीय दिवस पर कुछ ऐसे ही एनआरआई की बात कर रहे हैं, जो भले ही अलग-अलग देशों में रहते हों, लेकिन अपनी माटी की सौंधी खुशबू अपने दिल में लिए युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह शख्सियत हैं लंदन में रहने वाली डॉ. संगीता दहिया व संजीत शर्मा, पेरिस में रहने वाली तमन्ना जैन व बेल्जियम में रहने वाले संदीप देशवाल, जो विदेशों में रहकर भी अपनी भारतीय संस्कृति को अपनाए हुए हैं और दूसरों को भी जोड़े हुए हैं।
प्रदेश के युवाओं को विदेशों में दिला रहीं रोजगार
सोनीपत के खरखौदा के गांव रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया करीब सात साल से लंदन में रह रही हैं और अपनी तीन कंपनियां चला रही हैं। लंदन में रहने के बावजूद उनका देश प्रेम उन्हें अपनी मातृभूमि से जोड़े हुए है। वह हरियाणा वासियों को विदेशों में रोजगार दिलाने में अहम भूमिका निभा रहीं हैं। लंदन में जाने के बाद वह अब तक करीब 400 युवाओं को वहां बुलाकर विभिन्न कंपनियों में रोजगार दिलवा चुकी हैं। भारत से लंदन जाने, वहां रहने-खाने और रोजगार दिलाने में कागजी कार्य को संपन्न कराने में युवाओं की मदद करती हैं। साथ ही अपने पैरों पर खड़ा करने में सहयोग कर रही हैं।
डॉ. संगीता बताती हैं कि उन्होंने पहले भारत में अपना व्यापार शुरू किया था। यहां की राजनीतिक व व्यापारिक परिस्थितियों को देखते हुए लंदन में काम शुरू करने का मन बनाया और प्रयास शुरू कर दिए। आज वह तीन कंपनियां चला रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय से भारतीयों में विदेश जाने का क्रेज बढ़ा है। इन युवाओं को विदेशी धरती पर अपनों की कमी महसूस ना हो, इसके लिए रोजगार दिलाने के बावजूद इनसे जुड़ी रहती हूं। मैं भले ही लंदन में रहती हूं, लेकिन अपनी संस्कृति से जुड़ी हुई हैं।
पेरिस में रहकर जरूरतमंद बच्चों की करती हैं मदद
सोनीपत के सेक्टर-14 निवासी तमन्ना जैन फिलहाल पेरिस में रह रही हैं। लंदन स्थित कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी पूरी कर वह अक्तूबर 2024 में ही पेरिस गई हैं। तमन्ना ने बताया कि वह सोनीपत में स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन की शुरुआत से उससे जुड़ी हुई हैं। शुरुआत में झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए स्प्रेड स्माइल पाठशाला में जाती थी। अब विदेश में हूं तो खुद और दोस्तों से सहयोग लेकर इन बच्चों की आर्थिक मदद करती हूं। यहां से जब भी समय मिलता है तो ऑनलाइन माध्यम से आज भी इन बच्चों को पढ़ाती हूं। तमन्ना ने बताया कि उनसे प्रेरणा लेकर उनके दोस्त भी जरूरतमंद बच्चों के सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण की जगा रहे अलख
सोनीपत के प्रगति नगर निवासी संदीप देशवाल बेल्जियम में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। संदीप बताते हैं कि विदेश में स्वच्छ पर्यावरण की तरह ही प्रदेश का वातावरण भी स्वच्छ हो, इसके लिए पौधरोपण को बढ़ावा देते हैं। संदीप जब भी भारत आते हैं तो वह पौधरोपण करते हुए युवाओं को इसके लिए प्रेरित करते हैं। वह अब तक जिले में कई ऑक्सीजन बाग लगवाने में सहयोग दे चुके हैं और करीब 15 हजार पौधे लगा चुके हैं।
लंदन में जीवंत रखे हुए हैं भारतीय संस्कृति
जिले के गांव औरंगाबाद निवासी संजीत शर्मा ने बताया कि वह 15 साल से लंदन में रह रहे है और एक कंपनी में कार्यरत हैं। यहां हरियाणा एसोसिएशन यूके संस्था के साथ जुड़कर अपनी संस्कृति को जीवंत रखने का काम कर रहे हैं। लंदन में रहते हुए लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़े हुए हैं। सभी मिलकर होली, दिवाली व अन्य त्योहार धूमधाम से मनाते हैं। यही नहीं गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराकर सलामी देते हैं। विभिन्न उत्सवों में हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखरने के लिए हरियाणवी वेशभूषा में प्रस्तुतियां देते हैं। संजीत बताते हैं कि वह भले ही अपनी मातृभूमि से दूर हों, लेकिन अपनी माटी की खुशबू का अहसास आज भी हैं।
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