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Sonipat News: होली के रंग.... मिलावटी मिठाइयां होली के रंग में न डाल दे भंग

Tue, 19 Mar 2024 11:18 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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डॉ. बीरेंद्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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सोनीपत। होली के नजदीक आते ही मिठाइयों की मांग भी बढ़ने लगी है। मिष्ठान भंडारों पर मिठाइयां बनाने का काम तेज हो गया है। ऐसे में मावे, दूध व अन्य खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता की कमी होने की स्थिति में लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ता है। मिलावटी मिठाइयां कई बार होली के रंग में भंग डाल देती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान लीवर पर होता है, कई बार लोगों की आंतों में सूजन और आंतों में संक्रमण होने का डर बढ़ भी जाता है।
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मिलावटी मिठाइयों पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी लगातार दुकानों पर जाकर औचक निरीक्षण कर रहे है। 18 दिन से लगातार विभाग की ओर से दुकानों व डेयरी पर जाकर निगरानी की जा रही है। अब तक विभाग की ओर से 16 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं। जब तक खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट आएगी तब तक लोग होली का जश्न मना चुके होंगे और लोग मिष्ठान भंडारों से मिलावटी मिठाइयां खा चुके हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि होली में कितनी फीसदी मिठाइयां शुद्ध मिलेंगी? थोड़ी सी लापरवाही होली के रंग को बदरंग कर सकती है, इसलिए हर किसी को सावधानी बरतनी होगी। इससे सेहत भी दुरुस्त रहेगी।

मिलावट कैसी-कैसी
- खोया में मैदा, सिंथेटिक दूध, आर्टिफिशियल पाउडर या सफेद चीजें।

- सिंथेटिक खोया में डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया, घटिया किस्म का तेल।
- देसी घी में घटिया तेल।
- मिठाइयों में खाने के नकली रंग या केमिकल्स।

- मिठाइयों में चीनी की जगह सस्ती सैक्रीन, जो एक केमिकल है।


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सेहत पर बुरा असर

- आलू और शकरकंद मिला खोआ खाने से पेट खराब हो जाता है।
- मिलावटी चीजें खाने से पाचन तंत्र और आंतों को नुकसान होता है।
- इससे कब्ज, उल्टी, दस्त, पेट दर्द व गैस की बीमारी हो सकती है।
- लंबे समय तक ऐसी मिठाइयों के इस्तेमाल से खून की कमी होने का डर भी रहता है।



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पहचान के तरीके

- सिंथेटिक मावा को अगर पानी में फेंटे तो वह टुकड़ों में बंटकर अलग-अलग हो जाता है, जबकि असली मावा पतला पानी में घुल जाएगा और एक जैसा रहेगा।
- खोवे को हाथ में लेकर रगड़ें। असली होगा तो घी जैसी चिकनाई हाथ पर छोड़ जाएगा।

- खाकर देखें। मावा असली होगा तो कच्चे दूध का स्वाद आएगा।
- मिठाइयां ज्यादा रंगीन या चमकदार दिखें तो उनमें सिंथेटिक तत्व या केमिकल मिला हो सकता है



सेहत को खराब करता है मावा :

जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि मिलावटी मिठाइयों को बनाने के लिए जिस मावा का इस्तेमाल किया जाता है, वह सिंथेटिक दूध से तैयार होता है। मिलावटी मिठाई के सेवन से फूड पॉयजनिंग, उल्टी व दस्त भी हो सकते हैं। मिलावटी पनीर व घी के सेवन से सिर दर्द, पेट दर्द व त्वचा संबंधी रोग भी हो जाते हैं। इसके अलावा शरीर में सूजन और खून की कमी भी हो सकती है।
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वर्जन
होली पर्व के लिए मिष्ठान भंडार व डेयरी संचालकों पर लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही वहां पर जाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे है। साथ ही लोगाें को शुद्ध मिठाइयां खरीदने के लिए जागरूक किया जा रहा है और हलवाई को भी गुणवत्ता का ध्यान रखने के लिए कहा जा रहा है।
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डॉ. बीरेंद्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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