सोनीपत। गर्मी की वजह से उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ गए है। धूप और गर्म हवा से लोगों का गला सूख रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में इससे संबंधित रोजाना 50 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को पंजीकरण काउंटर पर पंखे बंद होने की वजह से मरीजों और तीमारदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 39 डिग्री तापमान में गर्मी के बीच लाइन में कई घंटे मरीजों को खड़ा होना पड़ा। वहीं, चिकित्सक की ओर से एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
तपती धूप में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हर घर में कोई न कोई जुकाम, उल्टी, दस्त या बुखार से पीड़ित है। छोटे बच्चों पर गर्मी का असर ज्यादा हो रहा है। सरकारी अस्पताल व निजी क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक गर्मी से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। साथ ही बाहरी वातावरण में तापमान जब शरीर के तापमान से अधिक हो जाता है तो बच्चों में असर दिखने लगता है।
गर्मी में बच्चों को लू लगने की आशंका
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने कहा कि बढ़ते तापमान से बच्चों को लू लगने का डर है। लू में शरीर का पानी सूख जाता है। तेज बुखार और दस्त होना लू का लक्षण है। ऐसे में बच्चों को पानी अधिक पिलाना चाहिए। लू लगने पर ओआरएस का घोल, दाल का पानी, कच्चा आम भूनकर पिलाना चाहिए। गर्मी में आसानी से पचने वाला भोजन ही करना चाहिए। भोजन में तेल-मसालों की मात्रा कम होनी चाहिए।
फिजिशियन भी दे रहे सलाह
फिजिशियन डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें। साथ ही मरीजों को शरीर में पानी की कमी पूरा करने के लिए ओआरएस का घोल लेने की सलाह दे रहे हैं। गर्मी में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। उल्टी-दस्त या तेज बुखार की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
बार-बार प्यास लगना
गहरा पीला, तेज गंध वाला पेशाब होना
त्वचा में रूखापन अधिक होना
चक्कर आना या कमजोरी महसूस करना
सामान्य से ज्यादा पेशाब आना
गर्मी में उल्टी, दस्त व डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में चिकित्सकों को मरीजों को उपचार बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल में पंजीकरण काउंटर पर पंखे बंद होने की जानकारी मिली है। स्टाफ को बुलाकर जल्द ही बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत।