सोनीपत। गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीज भी अधिक पहुंच रहे हैं। लू और गर्मी की वजह से डी-हाइड्रेशन, उल्टी व डायरिया की शिकायत हो रही है। चिकित्सक हीट वेव से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं । साथ ही ज्यादा से ज्यादा नींबू पानी, ओआरएस घोल लेने की सलाह दे रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में रोजाना 800 से ज्यादा बुखार, खांसी, पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। धूप और गर्म हवा की वजह से गला सूखने के भी 50 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। साथ ही बाहरी वातावरण में तापमान जब शरीर के तापमान से अधिक हो जाता है तो इसका असर शरीर पर दिखाई देता है।
फिजिशियन की सलाह
फिजिशियन डॉ. सन्नी ओहल्याण ने बताया कि लोग अनावश्यक धूप में निकलने से बचें व हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। सिर पर टोपी रखें या फिर छतरी का इस्तेमाल करें, ताकि गर्मी से बचाव हो सके। लोग अपने रोजमर्रा के कार्य सुबह व शाम के समय करें। उन्होंने कहा कि लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी, घबराहट या तेज सिरदर्द, सीने में दर्द हो या सांस लेने में कठिनाई हो, तो चिकित्सक को दिखाएं।
ऐसे करें बचाव
घर से बाहर निकलते समय कुछ न कुछ खाकर निकलें।
जरूरी कार्य होने पर धूप से बचाव के साधन लेकर निकलें।
समय-समय पर पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पीते रहें।
तले हुए व बासी भोजन खाने से बचे। हरी सब्जी, सलाद व फल जरूर खाएं।