सोनीपत। कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच की दूरी महज कुछ पलों की होती है। बार-बार बस पांच मिनट में घर लौटने की बात कहने वाले विशाल के परिजनों को तड़के उसकी मौत की खबर मिली। विशाल और बिलाल को नहीं पता था कि मुरथल का सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा।
गांव राई के पास हुए हादसे के शिकार हुए युवक आधी रात को दिल्ली के नंदनगरी क्षेत्र में थे। सभी दोस्त देर रात एक साथ बैठे थे। बातचीत के दौरान ही मुरथल जाकर पराठा खाने का कार्यक्रम बना और कार लेकर निकल पड़े। यह सफर तड़के सवा चार बजे भीषण दुर्घटना में तब्दील हो गया।
हादसे में जान गंवाने वाले विशाल घर में ही साइबर कैफे चलाते थे। साथ ही किराये का काम था। उनके परिजन फतेह ने बताया कि देर रात तक जब घर नहीं लौटा तो उसने दो-तीन बार कॉल कर बात की लेकिन वह हर बार पांच मिनट में लौटने की बात कहता रहा। तड़के उनके दोस्तों ने ही हादसे की खबर दी। विशाल की साल भर पहले शादी हुई थी।
बिलाल के निकाह की तैयारी में था परिवार
हादसे में मरने वाले गाड़ी चालक बिलाल के पिता का करीब डेढ़ दशक पहले निधन हो चुका है। मां, भाई व बहन की जिम्मेदारी वही उठा रहे थे। परिवार ने उनके निकाह के लिए लड़की भी पसंद कर ली थी मगर दुर्घटना ने सारी खुशियां छीन लीं।
तेज रफ्तार बनी काल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हाईवे की मजबूत ग्रिल को तोड़ती हुई कई पलटे खाती संपर्क मार्ग तक जा पहुंची। वहां से कार राजीव गांधी एजुकेशन सिटी की दीवार से टकराकर रुकी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। गनीमत यह रही कि हादसे के दौरान कार किसी अन्य वाहन से नहीं टकराई। तड़के का समय होने के चलते हाईवे और संपर्क मार्ग दोनों पर उस समय ट्रैफिक कम था।