फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kisan Andolan: पंजाब से किसानों का दिल्ली कूच; हरियाणा में पंजाब व दिल्ली सीमाओं के ये हैं हालात

Tue, 13 Feb 2024 04:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

किसान संगठनों की ओर से 13 फरवरी के दिल्ली कूच के एलान का दिन आ गया है। हरियाणा में किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन
पुलिस प्रशासन ने कुंडली सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा पंजाब के बॉर्डर व हरियाणा से दिल्ली के बॉर्डरों पर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है। 
विज्ञापन


भारी वाहन सोनीपत के बीसवा मील चौक से आगे केएमपी और केजीपी से दिल्ली भेजे जा रहे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले रास्तों पर वाहनों को डायवर्ट करवाने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। कुंडली सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए तैयारी की हुई है। 
विज्ञापन


दिल्ली के बॉर्डर भी बंद

दिल्ली पुलिस ने टीकरी बॉर्डर को किया पूरी तरह से सील कर दिया है। बैरिकेड्स के जरिये दिल्ली की तरफ आने जाने वाले दोनों रास्तों को बंद कर दिया गया है। वहीं सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है।

बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए कई लेयर की बैरिकेडिंग की है। सड़क के बीचो-बीच बड़े पत्थर रखकर नेशनल हाईवे नंबर 9 को ब्लॉक किया गया है। बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 मोड़ पर पुलिस ने पहले ही दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया था। टीकरी बॉर्डर से दिल्ली की तरफ जाने वाले अन्य रास्तों को भी बंद किया गया है।


सिरसा में बॉर्डरों पर स्थिति 
डबवाली नाके की स्थिति: डबवाली में मुख्य रूप से दो नाके लगाए गए हैं। एक भठिंडा रोड व एक सिरसा रोड पर। वहीं डबवाली के शहर के गलियों में करीब 20 से ज्यादा नाके लगे हुए है। डबवाली में किसानों के जत्थे आने आरंभ नहीं हुए है। शहर में शांति बनी हुई है। 
 
कालांवाली: कालांवाली व रोड़ी में अभी तक कोई हलचल नहीं है। 

सिरसा : पंजुआना में लगाए गए नाके पर सिरसा के करीब 200 किसान एकत्रित हुए हैं। इस दौरान किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा है कि पंजाब क्षेत्र के किसान पंजाब के खनौरी से दिल्ली कूच के लिए रवाना हो चुके हैं। सिरसा से सिर्फ जिले के किसान ही रवाना होंगे। पंजाब के किसान सिरसा में नहीं आएंगे। किसान नेता ने कहा कि वो शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते है। किसी प्रकार की कोई धक्का मुक्की नहीं जाएगी। पहले भी किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपने भाइयों को खोया है। इस बार ऐसा नहीं होगा। जिला प्रशासन से अपील है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की कोई जबरदस्ती न की जाए।

बहादुरगढ़ में बैरिकेडिंग से आम लोगों को हो रही परेशानी
बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 मोड़ पर बैरिकेडिंग करने के बाद लोगों को आने जाने के लिए मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सेक्टर 9 मोड पर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में शहर के दयानंद नगर से एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल ले जाते समय परिजनों को दिक्कत हुई। 69 साल की बुजुर्ग को उनके पति एमपी सिंह पैदल ही लेकर निकले। उन्होंने कहा कि यदि रास्ते में उन्हें कुछ हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। वहीं बहादुरगढ़ के उद्योगपति किसानों से टीकरी बॉर्डर पर न पहुंचने का आह्वान कर रहे हैं।

किसानों को रोकने के प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए
फतेहाबाद में पंजाब के किसानों को रोकने के प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं, पंजाब सीमा के सभी बॉर्डर पूरी तरह से सील हैं। अभी पंजाब के किसान फतेहाबाद सीमा पर जुटना आरंभ नहीं हुए हैं। मुख्य नाकों पर पैरा मिलिट्री फोर्स आंसू गैस के गोलों व वज्र वाहन के साथ तैनात हैं। सुबह 11 बजे तक बॉर्डर पर पंजाब की सभी सड़कें अभी भी खाली पड़े हैं। गुप्तचर विभाग की टीमें बाॅर्डर पर लगातार किसानों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। रतिया में रोझांवाली के पास पक्का नाका लगाने के बाद अब प्रधान ने गांव अयाल्की के सेम नाले पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां पर सीमेंटिड ब्लॉक रखे हुए हैं और साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स को यहीं पर रिजर्व में रखा गया है।

वहीं दूसरी ओर पहले अखिल भारतीय खेती बचाओ संघर्ष समिति ने दिल्ली कूच का निर्णय लिया था, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के किसान रतिया आते हैं तो गुरूद्वारा अजीतसर में उनके जलपान की व्यवस्था की जाएगी। पंजाब से आने वाले सभी रास्ते बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बॉर्डर सील होने के कारण पंजाब से सब्जियों की आवक रूक गई हैं, जिस कारण टोहाना व रतिया के व्यापारियाें को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पंजाब के लिए सभी बसों के बंद होने के कारण पंजाब जाने वाले लोगों को परेशानियां आ रही हैं। सरदूलगढ़ व बुढलाडा जैसे लोकल रूट भी बंद हो गए हैं।
 
 

हिसार में पुलिस और अर्धसैनिक बल ने संभाला मोर्चा, किसानों की चेतावनी हर हाल में जाएंगे दिल्ली
किसान संगठनों की तरफ से मंगलवार को दिल्ली कूच को लेकर पुलिस और अर्धसैनिक बल ने मोर्चा संभाला हुआ है। जिले में उकलाना, अग्रोहा, रामायण टोल, हांसी-बरवाला मार्ग और घिराय के पास नाके लगाए गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे पंजाब के किसानों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। यहां पहुंचने पर उनकी खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।

हरियाणा रोडवेज की चंडीगढ़ जाने वाले बसें अंबाला से वापस आ रही है। जिला उपायुक्त उत्तम सिंह, पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा नाकों का निरीक्षण कर अपडेट ले रहे हैं। साथ ही आमजन से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। तीसरे दिन भी जिले में इंटरनेट सेवाएं बद रही।

जरूरत पड़ने पर करेंगे रूट डायवर्ट
प्रशासन की तरफ से पंजाब की तरफ से आने वाले किसानों के लिए सूरेवाला चौक और अग्रोहा के पास नाकेबंदी की गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात है। हालांकि अभी तक वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा। हिसार से फतेहाबाद और सिरसा की तरफ जाने वाले वाहनों को खाराखेड़ी से भट्टू होते हुए निकाला जाएगा। वहीं टोहाना की तरफ जाने वाले वाहनों को सैनियान से होते हुए पारत, पिरथला से निकाला जाएगा। प्रशासन की तरफ से रामायण टोल के पास सड़क के दोनों तरफ गहरे गढ्डे खोद कर उनमें पानी भर दिया गया। कटीली तारें और कीलों को रोड़ पर लगाया गया है।

पानीपत इनपुट
किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस ने जीटी रोड स्थित पत्तीकल्याण के नजदीक हल्दाना बॉर्डर पर सोनीपत के साथ मिलकर नाका बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों जिलों की पुलिस यहां पर पहुंच गई है और अधिकारी नाका लगाने को लेकर के विचार विमर्श कर रहे हैं। इन सबके बीच पुलिस ने किसान नेताओं के घर दबिश देना शुरू कर दिया है। बापौली थाना पुलिस मंगलवार सुबह गांव गढ़ी भलौर में किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरजभान रावल के घर पहुंची। पुलिस ने उनको घर पर ही नजरबंद किया। इधर बसों की बजाय ट्रेन में यात्री बढ़ रहे हैं आरपीएफ और जीआरपी भी ट्रैक पर गश्त कर रही है।

चरखी दादरी में हालात सामान्य
चरखी दादरी जिले में फिलहाल शांति है और सबकुछ सुचारू रूप से चल रहा है। पुलिस की दो कंपनियां अलर्ट हैं जबकि किसान संगठनों की दोपहर तीन बजे समसपुर स्थित संतरा देवी शिक्षण संस्थान से दिल्ली कूच की योजना है। किसान नेता मोबाइल बंद करके भूमिगत हैं। वहीं, फिलहाल जिले में सभी मार्गाें पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है।

किसानों का दिल्ली कूच, कुरुक्षेत्र में ये हैं हालात
  • पिहोवा से पटियाला रोड, इस्माईलाबाद से पटियाला पूरी तरह से रहे सील, फिलहाल हालात सामान्य
  • पिहोवा के ट्यूकर बार्डर पर 100 से ज्यादा किसान पहुंचे, कुछ बैरिकेडिंग हटाने का भी किया प्रयास
  • शाहाबाद में नेशनल हाईवे 44 भी देर रात से पक्की बैरिकेडिंग के साथ रहा सील, पिपली में भी की नाकेबंदी
  • पिहोवा व शाहाबाद में अर्ध सैनिक बल के जवान किए गए तैनात, हर पुख्ता प्रबंध के साथ भारी पुलिस बल भी रहा तैनात
  • दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को पिपली से ही किया जाने लगा डायवर्ट
  • किसानों को हिरासत में लेने की भी तैयारी, दर्जनों बसें पुलिस लाइन में खड़ी  रखी गई  
  • अंबाला में शंभू बार्डर पार किया तो देर रात तक पिपली भी पहुंच सकते हैं किसान
  • अनेकों रूटों की बसें बंद, बस अड्डे पर भी पसरा सन्नाटा, राहगीरों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
  • किसान आंदोलन का रोडवेज को लाखों का फटका
  • घरों से ही बेहद कम निकले लोग
विज्ञापन

किसानों के दिल्ली कूच को लेकर ये है हालात 
कैथल में पटियाला का टटियाना गांव, समाना का अजीमगढ़ गांव और पंजाब के खनौरी का संगतपुरा गांव में पंजाब के साथ लगता हुआ बॉर्डर है। इन बॉर्डरों पर भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहा। यहां पर सात चरणों की सुरक्षा लगाई गई है। सुबह के समय कुछ पंजाब के कुछ किसान पैदल ही बॉर्डर पर पहुंचे थे। इसके बाद यहां पर जिला प्रशासन से धारा 144 होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया। हालांकि किसानों के आने को लेकर प्रशासन की सांसे पूरा दिन फूली रही। इस दौरान सभी अधिकारी बॉर्डर पर ही मौके पर मौजूद रहे। 

किसानों के आंदोलन से जिले के लोग पिछले तीन दिन से पंजाब व चंडीगढ़ नहीं जा पा रहे हैं। क्योंकि पिछले तीन दिन से पंजाब जाने वाली सभी बसों को बंद किया गया है। इसके साथ ही पंजाब से चीका व चीका से पंजाब के बॉर्डर तक लोग पैदल ही जा रहे हैं। उन्हें तीन से चार किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। इस कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज को बसें आने के बाद लाखों रुपये का फटका लगा है। वहीं, हिमाचल और पंजाब से आने वाली सब्जियां और फल भी नहीं आ पा रहे हैं। यदि आगामी दिनों में रास्ता नहीं खुला तो लाखों रुपये का फटका लगा है। यहां पर सब्जियों और फलों का व्यापार प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें