हरियाणा पंजाब के बॉर्डर व हरियाणा से दिल्ली के बॉर्डरों पर पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है।
भारी वाहन सोनीपत के बीसवा मील चौक से आगे केएमपी और केजीपी से दिल्ली भेजे जा रहे। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले रास्तों पर वाहनों को डायवर्ट करवाने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। कुंडली सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए तैयारी की हुई है।
दिल्ली के बॉर्डर भी बंद
दिल्ली पुलिस ने टीकरी बॉर्डर को किया पूरी तरह से सील कर दिया है। बैरिकेड्स के जरिये दिल्ली की तरफ आने जाने वाले दोनों रास्तों को बंद कर दिया गया है। वहीं सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। केएमपी केजीपी जीरो प्वाइंट से वाहनों को निकाला जा रहा है।
बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए कई लेयर की बैरिकेडिंग की है। सड़क के बीचो-बीच बड़े पत्थर रखकर नेशनल हाईवे नंबर 9 को ब्लॉक किया गया है। बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 मोड़ पर पुलिस ने पहले ही दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया था। टीकरी बॉर्डर से दिल्ली की तरफ जाने वाले अन्य रास्तों को भी बंद किया गया है।
सिरसा में बॉर्डरों पर स्थिति
डबवाली नाके की स्थिति: डबवाली में मुख्य रूप से दो नाके लगाए गए हैं। एक भठिंडा रोड व एक सिरसा रोड पर। वहीं डबवाली के शहर के गलियों में करीब 20 से ज्यादा नाके लगे हुए है। डबवाली में किसानों के जत्थे आने आरंभ नहीं हुए है। शहर में शांति बनी हुई है।
कालांवाली: कालांवाली व रोड़ी में अभी तक कोई हलचल नहीं है।
सिरसा : पंजुआना में लगाए गए नाके पर सिरसा के करीब 200 किसान एकत्रित हुए हैं। इस दौरान किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा है कि पंजाब क्षेत्र के किसान पंजाब के खनौरी से दिल्ली कूच के लिए रवाना हो चुके हैं। सिरसा से सिर्फ जिले के किसान ही रवाना होंगे। पंजाब के किसान सिरसा में नहीं आएंगे। किसान नेता ने कहा कि वो शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते है। किसी प्रकार की कोई धक्का मुक्की नहीं जाएगी। पहले भी किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपने भाइयों को खोया है। इस बार ऐसा नहीं होगा। जिला प्रशासन से अपील है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की कोई जबरदस्ती न की जाए।
बहादुरगढ़ में बैरिकेडिंग से आम लोगों को हो रही परेशानी
बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 मोड़ पर बैरिकेडिंग करने के बाद लोगों को आने जाने के लिए मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सेक्टर 9 मोड पर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में शहर के दयानंद नगर से एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल ले जाते समय परिजनों को दिक्कत हुई। 69 साल की बुजुर्ग को उनके पति एमपी सिंह पैदल ही लेकर निकले। उन्होंने कहा कि यदि रास्ते में उन्हें कुछ हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। वहीं बहादुरगढ़ के उद्योगपति किसानों से टीकरी बॉर्डर पर न पहुंचने का आह्वान कर रहे हैं।
किसानों को रोकने के प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए
फतेहाबाद में पंजाब के किसानों को रोकने के प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं, पंजाब सीमा के सभी बॉर्डर पूरी तरह से सील हैं। अभी पंजाब के किसान फतेहाबाद सीमा पर जुटना आरंभ नहीं हुए हैं। मुख्य नाकों पर पैरा मिलिट्री फोर्स आंसू गैस के गोलों व वज्र वाहन के साथ तैनात हैं। सुबह 11 बजे तक बॉर्डर पर पंजाब की सभी सड़कें अभी भी खाली पड़े हैं। गुप्तचर विभाग की टीमें बाॅर्डर पर लगातार किसानों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। रतिया में रोझांवाली के पास पक्का नाका लगाने के बाद अब प्रधान ने गांव अयाल्की के सेम नाले पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां पर सीमेंटिड ब्लॉक रखे हुए हैं और साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स को यहीं पर रिजर्व में रखा गया है।
वहीं दूसरी ओर पहले अखिल भारतीय खेती बचाओ संघर्ष समिति ने दिल्ली कूच का निर्णय लिया था, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर पंजाब के किसान रतिया आते हैं तो गुरूद्वारा अजीतसर में उनके जलपान की व्यवस्था की जाएगी। पंजाब से आने वाले सभी रास्ते बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बॉर्डर सील होने के कारण पंजाब से सब्जियों की आवक रूक गई हैं, जिस कारण टोहाना व रतिया के व्यापारियाें को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पंजाब के लिए सभी बसों के बंद होने के कारण पंजाब जाने वाले लोगों को परेशानियां आ रही हैं। सरदूलगढ़ व बुढलाडा जैसे लोकल रूट भी बंद हो गए हैं।