अंबाला में सड़क पर सीमेंट से गाड़ी गई कीलें।
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पुलिस प्रशासन ने पुख्ता किए नाके
किसानों के दिल्ली कूच से पहले पुलिस-प्रशासन ने पंजाब से लगी हरियाणा की सीमा पर पक्के नाके लगाए हैं। कंकरीट की बैरिकेडिंग के ऊपर कंटीली तारों के साथ ही लोहे के कांटे बिछाए गए हैं, ताकि किसान ट्रैक्टर लेकर हरियाणा की सीमा में प्रवेश न कर सके। खासतौर पर जीटी बेल्ट में कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में नाकेबंदी की गई है। साथ ही प्रशासन की ओर से धारा-144 लागू की गई है। सात जिलों में नेट बंद रहा, जिससे आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं पंजाब से हरियाणा की ओर आने-जाने वाली 400 से अधिक बसों का संचालन नहीं होने और रूट डायवर्जन से आमजन की मुश्किलें बढ़ गईं।
घग्गर पुल पर चार लेयर सुरक्षा
अंबाला में घग्गर के पुल पर पुलिस ने चार लेयर बनाकर सुरक्षा मजबूत की है, जिसमें पहली तीन लेयर में कंकरीट के बैरिकेडिंग, कंटीले तार और आखिर में लोहे के कांटे बिछाए गए हैं। घग्गर नदी के पुल पर किसानों की मूवमेंट की संभावना को लेकर जगह-जगह सीसीटीवी और जैमर लगाए गए हैं। बीएसफ की टुकड़ी सबसे आगे रहेगी, फिर आरएएफ और इसके बाद हरियाणा पुलिस के जवान हथियारों से लैस मोर्चा संभालते दिखाई दिए। पंजाब से आने वाले सभी रास्तों को बंद किया गया है, हालांकि दिन के समय चंडीगढ़ आने जाने वाले रास्ते की एक-एक लेन को खोलकर यातायात सुचारू रखने का प्रयास किया गया। पुलिस की नाकेबंदी के कारण पंजाब जाने वाले लोग रविवार को जान जोखिम में डालकर घग्गर नदी को पार करते दिखाई दिए।
दूसरी ओर कैथल जिले से पटियाला जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पंजाब जाने के लिए वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। पंजाब के पटियाला जाने के लिए चीका से कल्लरमाजरा, बौपुर, बलबेहड़ा वाले रास्ता खोला गया है।
इसके साथ ही पंजाब बॉर्डर के सील करने के बाद जिला प्रशासन के आदेशों पर रोडवेज ने पटियाला सहित पातड़ा की बस सेवा बंद कर दी है। कैथल और चीका से पीआरटीसी की करीब 100 बसें पंजाब के पटियाला, पातड़ा और समाना जाती हैं। यह पूरी तरह से बंद हो गईं हैं।
पंजाब बॉर्डर को सील करने के बाद गुहला व खनौरी-पातड़ा जाने वाले मार्ग पर संगतपुरा बॉर्डर पर अर्धसैनिक कंपनियां और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिले में 10 कंपनियां केंद्र की तरफ से मंगवाई गई हैं।
इसके अलावा पंजाब से लगते कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा और इस्माईलाबाद में सीमाएं दोनों मुख्य मार्गों पर शनिवार देर रात से ही सील हैं, जहां से आवाजाही पूरी तरह से बंद की गई है। पिहोवा से पटियाला रोड व इस्माईलाबाद से पटियाला के देवीगढ़ रोड को बंद किया गया है। साथ ही पुलिस कर्मी भी तैनात किए हुए हैं।
नेशनल हाईवे 44 पर शाहाबाद से आज सुबह से ही दिल्ली की ओर से जाने वाले वाहनों को शाहा जिला अंबाला की ओर से डायवर्ट किया गया। कुरुक्षेत्र में पैरामिलिट्री की चार कंपनी फिलहाल पुलिस लाइन में डेरा डाले हुए हैं। दिन भर पुलिस हर हालात से निपटने के लिए रणनीति बनाती रही।
नेट बंद होने से कोरियर, रेलवे बुकिंग भी बाधित, ऑनलाइन लेनदेन ठप
कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में रविवार की सुबह से नेट बंद होने के कारण कोरियर और रेलवे की बुकिंग भी बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं ऑनलाइन लेन देने ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
करनाल में रास्ते किए डायवर्ट, एसपी बोले- दिल्ली-चंडीगढ़ जाने से बचें
किसान आंदोलन को लेकर करनाल में भी रूट डायवर्ट किए गए हैं। साथ एसपी शशांक कुमार सावन ने दिल्ली-चंडीगढ़ की ओर जाने से परहेज करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ जाने के लिए मेरठ रोड मंगलौरा होते हुए शामली सहारनपुर मार्ग से वाहन निकलेंगे, जबकि कुरुक्षेत्र से आने वाले वाहन तरावड़ी रंबा के रास्ते करनाल आएंगे, नेशनल हाईवे-44 पर आवाजाही बंद रहेगी। व्यवस्था देखने के लिए रविवार को डीसी-एसपी ने हाईवे पर कर्ण लेक के समीप निरीक्षण किया। यहां पर कंटेनर और पत्थर लगवाकर रास्ता बंद किया जाएगा। किसानों के पिछले आंदोलन में भी इसी स्थान पर नाकेबंदी की गई थी।