रविवार को तड़के चार बजे सोनीपत, झज्जर, जींद और रोहतक में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे पहले 3 अक्तूबर को भी सुबह 11 बजकर 6 मिनट पर सोनीपत में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया था।राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, दिल्ली के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई है। सोनीपत के गन्नौर के गांव खेड़ी गुज्जर के पास भूकंप का केंद्र रहा है जिसकी गहराई धरती में 5.0 किलोमीटर रही, जिसका असर झज्जर तक भी था।
मौसम विशेषज्ञ और भूगोलविद् डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक हिमालय पर्वत और उसके तराई क्षेत्र में लगातार प्लेट टेक्टोनिक्स की गतिविधियों से भूकंप आते रहते हैं। मुख्य प्लेट से देहरादून से लेकर महेंद्रगढ़ तक एक सवप्लेट में भी लगातार छोटे स्तर के भूकंप आते रहते हैं। इसकी वजह से धरती की ऊर्जा रिलीज होती रहती है जो किसी बड़े पैमाने पर भूकंप से बचाने में सहायक होती है।
लगातार प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया से उत्तर भारत में लगातार भूकंप आते रहते हैं। पिछले महीने हरियाणा एनसीआर दिल्ली और राज्य के कई जिलों और स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 3 अक्तूबर की दोपहर को गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर के अलावा प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहीं सोनीपत में शहरवासी राजेश, महेश, राकेश ने बताया कि अचानक भूकंप का झटका लगते ही उन्हें खतरे का अंदेशा हो गया था।