करनाल में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ स्पोर्ट्स वुमन अवॉर्ड प्राप्त स
सोनीपत। डिस्कस थ्रो में अपने शानदार खेल के दम पर देश का नाम रोशन करने वाली सोनीपत के गांव खेवड़ा निवासी सीमा आंतिल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पोर्ट्स वुमेन अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में दिया गया। सीमा आंतिल ने राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की हैट्रिक लगाने के साथ ही चार बार ओलंपिक कोटा भी हासिल किया है। सीमा आंतिल ने कहा कि यह सम्मान मनोबल बढ़ाते हैं और खिलाड़ी को आगे बढ़ने का हौसला मिलता है। ओलिंपियन डिस्कस थ्रोअर सीमा आंतिल के साथ ही मुक्केबाज प्रीति दहिया को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
सीमा आंतिल का जन्म सोनीपत के गांव खेवड़ा में हुआ था। परिवार में खेलों का माहौल शुरू से था। खेलों के इसी माहौल के बीच सीमा ने डिस्कस थ्रो करना शुरू किया और निरंतर आगे बढ़ती गई। वर्तमान में सीमा आंतिल देश की सबसे अनुभवी एथलीट है। सीमा राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की हैट्रिक जमाने का कारनामा कर चुकी है। यह कारनामा उन्होंने वर्ष 2006, 2010 व 2014 में किया है। यही नहीं वह वर्ष 2004, 2012, 2016 व 2022 में भी ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी है। सीमा ने इससे पहले वर्ष 2004 एथेंस में खेली, वर्ष 2006 के राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदक, वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक, वर्ष 2014 के राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदक, वर्ष 2014 में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक, वर्ष 2018 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक और वर्ष 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक प्राप्त किया।
वहीं वर्ष 2021 के खेलो इडिया यूथ गेम्स के 60 किलो भारवर्ग में जिले के गांव सिलाना निवासी मुक्केबाज प्रीति दहिया के स्वर्ण जीतने पर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। प्रीति दहिया ने 12 साल की उम्र में कबड्डी खेलना छोड़ मुक्केबाजी शुरू कर दी थी। साल 2018 में अखिल भारतीय स्कूल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। 2019 में एशियन जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी थीं।